सुनहरे भविष्य और अच्छे रोजगार की तलाश में दिल्ली से मुंबई गए 37 वर्षीय इमरान सिद्दीकी को जरा सा भी अहसास नहीं था कि जिस आशियाने में वह पत्नी और परिजनों के साथ रह रहा है, आखिरकार वही उनकी मौत का सबब बनेंगी।
इमरान खुशकिस्मत रहे कि ताश के पत्तों की तरह गिरी इमारत में वह सकुशल बच गए लेकिन उसके परिजन इतने नसीब वाले नहीं रहे।
हादसे में इमरान की 8 माह की गर्भवती पत्नी शकीला समेत 12 अन्य रिश्तेदारों की मौत हो गई।
इमरान अनाधिकृत रूप से निर्माणाधीन इमारत में पत्नी और अपने 15 अन्य चचेरे भाइयों के साथ रहा था।
हादसे में इमरान की पत्नी और 12 चचेरे भाइयों की मौत हो गई। इमारत में 35 अन्य परिवार भी रह रहे थे। इमरान के पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उसे कालवा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दर्दनाक हादसे से इमरान सदमे में है। उसे हादसे में मारे गए अपने रिश्तेदारों के ठीक से नाम भी याद नहीं आ रहे हैं।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से मदद की गुहार लगाते हुए उसने कहा ‘हमारे सभी लोग चले गए हैं। मां, बाप, भाई, बहन और बीवी भी। मेरी कुछ मदद करो ना।
आपको तो मालूम है, मेरी बीवी पेट से थी और वह बच्चे के साथ ही चली गई इस हादसे में।’ चव्हाण ने मदद को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।