आमतौर पर बहुओं को दहेज के चलते मारने-पीटने और जलाने के मामले सामने आते हैं लेकिन गुजरात के एक परिवार में एक ससुर ने अपनी बहु की जान बचाने के लिए अपनी त्वचा दान कर दी।
खाना बनाते वक्त बहु मोनिका राठौड़ 64 प्रतिशत तक जल गई थी और उनकी जान बचाने के लिए त्वचा देना जरूरी था।
हिम्मतनगर की रहने वालीं मोनिका राठौड़ 26 मई को स्टोव पर खाना बना रही थीं। तभी काम खत्म करने की जल्दी में मोनिका से मिट्टी का तेल स्टोव पर गिर गया और आग लग गई।
इस हादसे में मोनिका के सीने, बांह, पेट और शरीर का निचला हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। उन्हें अहमदाबाद के वीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टर ने बताया की मोनिका को बचाने के लिए त्वचा का हिस्सा देना जरूरी है।
मोनिका का इलाज कर रहे डॉक्टर बताते हैं कि उन्होंने मोनिका के इलाज के बारे में उनके परिवार को बताया तो उनके ससुर हिम्मतसिंह राठौड़ अपनी त्वचा का हिस्सा देने के लिए तैयार हो गए।
डॉक्टर कहते हैं कि उनकी जिंदगी में इस तरह का यह पहला मामला है। हिम्मतसिंह की जांघों से त्वचा का हिस्सा लिया गया है।
मोनिका अब खतरे से बाहर हैं और उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। मोनिका का कहना है कि वह नर्क जैसे हालात से गुजरी हैं लेकिन ऐसा परिवार पाकर वह खुद को खुशकिस्मत मानती हैं।
वहीं, हिम्मतसिंह की कोई बेटी न होने के कारण वह मोनिका को बेटी की तरह मानते हैं। उनका कहना है कि वह अपनी बेटी को बचाना चाहते थे।