फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आमिर ने किया जिसके प्यार को सलाम, 'अपनों' ने मार डाला

Mon, 26 Nov 2012 07:01 PM IST
बुलंदशहर/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहब्बत की यह कहानी चार वर्ष पहले शुरू हुई थी, जब अब्दुल हकीम को गांव की युवती महविश से प्यार हुआ। प्यार ऐसा, जिसे 'सत्यमेव जयते' शो के दौरान आमिर खान ने खुद मंच पर हकीम और महविश की मोहब्बत को सलाम किया था। एक एपिसोड में मोहब्बत की जीत और परिवार की क्रूरता के बारे में देश भर को बताया गया था।
विज्ञापन


जब इश्क का चर्चा आम हुआ तो प्रेमी युगल की मुश्किलें शुरू हो गईं। महविश के परिजनों ने हकीम और उसके परिजनों को खुलेआम चेतावनी दे दी और महविश पर बंदिशें लगा दीं। एक दिन मौका पाकर हकीम और महविश ने कोर्ट मैरिज कर ली। गांव में पंचायत बैठी। पंचायत ने हकीम के परिवार को पलायन का फरमान सुना दिया। हकीम के परिवार के लोग गांव से बाहर चले गए और दर-दर भटकते रहे।

हकीम के भतीजे सलमान ने बताया कि वह अल्वी बिरादरी से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन चाचा हकीम का गांव की दूसरी जाति की युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। हकीम ने परिजनों की इच्छा के बगैर चाची से लव मैरिज कर ली थी। चाचा-चाची के साथ सलमान भी निकाह के बाद दिल्ली रहने लगा। दादा दादी की तबियत खराब होने पर एक दिन सलमान गांव आया। तभी चाची के भाई के दोस्तों ने उसे पीटकर अधमरा कर दिया। इसका मुकदमा कोर्ट में अंतिम दौर में चल रहा है और तीन नामजदों को सजा मिलने की उम्मीद है। पत्नी के गर्भवती होने पर हकीम उसे लेकर गांव आया था और बृहस्पतिवार शाम दवा लेकर लौट रहा था। इसी दौरान हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
विज्ञापन


घर में मचा कोहराम
सामाजिक मान मर्यादा और परिजनों के इजाजत के बिना प्रेम विवाह करने वाली हकीम की पत्नी का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं हकीम के परिजन भी बेहाल हो रहे हैं। हकीम का मासूम बेटा और बेटी भी परिजनों को रोता देखकर सहम गए हैं। गर्भवती के पेट में पल रहे बच्चे के सिर से उसके जन्म से पहले ही पिता का साया उठ गया है।

हाईकोर्ट तक लगा चुके थे सुरक्षा की गुहार
हकीम और महविश पुलिस ही नहीं कोर्ट से भी सुरक्षा की गुहार लगा चुके थे। परिजनों का कहना है कि हाईकोर्ट ने भी पुलिस को दोनों की सुरक्षा का आदेश दिया था। इसके बावजूद पुलिस ने बृहस्पतिवार को लापरवाही बरती। हकीम अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर दो दिन पहले गांव आया था। बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे आरोपियों ने जान लेने की धमकी दी। पुलिस को तहरीर दी गई। लेकिन पुलिस ने लापरवाही बरती और हकीम की हत्या कर दी गई।

पिता को फांसी पर लटकाया
मृतक के भतीजे शहनवाज ने बताया कि हकीम और महविश के फरार होने के बाद उसके परिवार के लोग पलायन कर गए और गांव में केवल हकीम के बीमार पिता अब्दुल हाफिज रह गए। अब्दुल हकीम ने परिजनों से गांव छोड़कर जाने से इंकार कर दिया। आरोप है कि बूढ़े बीमार अब्दुल हाफिज को फांसी पर लटका दिया गया। पुलिस ने मामला खुदकुशी का बताकर रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की।

महविश की जान को खतरा
हकीम के परिजनों का आरोप है कि अब गर्भवती महविश को जान का खतरा है। इसलिए उसे छुपा कर रखा गया है। आरोपी कभी भी महविश को भी मौत के घाट उतार सकते हैं।

क्या बोले अफसर
'सुबह मारपीट, झगड़े की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची थी। दो बार आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी गई, लेकिन आरोपी भाग गए। शाम को आरोपियों ने हकीम की हत्या कर दी। मृतक के भाई की तहरीर पर आसिफ, मलिक, सरवर, सलमान, गुल्लू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें महविश के परिवार के लोग भी शामिल हैं।'
विज्ञापन

- श्रीकांत सिंह, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें