पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार की कैश ट्रांसफर स्कीम का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि गरीबों को यह पैसा नहीं मिलेगा क्योंकि इसे लागू करने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम इस योजना से सहमत नहीं हैं। पश्चिम बंगाल कभी इसके लिए सहमत नहीं होगी। आप कैसे कैश ट्रांसफर कर सकते हैं? इसके लिए क्या व्यवस्था है ? इसके लिए कहां पर मशीनरी है ? इसे लागू करने के लिए कोई व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे गरीबों तक इसका फायदा पहुंच सके।’
उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में कई ऐसे स्थान हैं, जहां पर न तो कोई बैंक है और न ही कोई पोस्ट ऑफिस। सबसे पहले उन्हें बैंक और पोस्ट ऑफिस स्थापित करने चाहिए। उन्हें नरेगा सहित सभी सामाजिक योजनाओं के अंतर्गत आने वाले लोगों के खाते खुलने चाहिए। वरना गरीबों तक यह पैसा नहीं पहुंचेगा।’
ममता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की उस सलाह की भी आलोचना की, जिसके मुताबिक 600 प्रति महीने में पांच लोगों का परिवार आटा, दाल और चावल खा सकता है। उन्होंने कहा कि आज एक कप चाय भी चार रुपये से कम नहीं पड़ती। प्रमोशन में आरक्षण बिल पर तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि हम इस बिल का विरोध नहीं कर रहे हैं। हमारी पार्टी एससी और एसटी के लिए है और हम उनके खिलाफ कोई काम नहीं करेंगे।