तृणमूल कांग्रेस सरकार के गले की फांस बन चुके शारदा घोटाला मामले में पार्टी के एक और सांसद की गिरफ्तारी से तिलमिलाईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया। टीएमसी सुप्रीमो ने केंद्र पर बदला लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि दम है तो पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगा कर मुझे गिरफ्तार कर के दिखाएं।
पार्टी के सांसदों, मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक में ममता ने कहा, ‘ मुझे जेल भेज कर दिखाएं, देख लूंगी। यदि हम पर हमला होता है तो हम उसका जवाब देंगे। हम सभी चुनौतियों को स्वीकार करते हैं। वे मुझसे डरे हुए हैं और इसलिए मेरे खिलाफ साजिश रच रहे हैं।’
पार्टी सांसद श्रंजॉय बोस की गिरफ्तारी पर ममता ने कहा कि दिल्ली में जवाहरलाल नेहरु जयंती पर कांग्रेस के बुलाने पर धर्म निरपेक्ष पार्टियों के बीच मैं भी शामिल हुई थी, इसलिए भाजपा बदला ले रही है।
लेकिन मैं इस प्रकार के कार्यक्रम में आगे भी जाऊंगी। उन्होंने कहा कि सीबीआई को नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि अमित शाह चला रहे हैं। सीबीआई की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी इस जांच एजेंसी की साख पर सवाल उठा चुका है।
बर्दवान धमाके की जांच एनआईए से कराने के बारे में कहा कि यह धमाका प्रायोजित हो सकता है। दूसरी ओर, राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने यह कह कर टीएमसी की परेशानी बढ़ा दी है कि सीबीआई के पास सांसद को गिरफ्तार करने की ठोस वजह रही होगी।
इधर, पता चला है कि बांग्ला दैनिक संवाद प्रतिदिन के मालिक व सांसद श्रंजॉय बोस ने शारदा समूह के मालिक सुदीप्त सेन के साथ कथित तौर पर एक करार किया था। इस करार के तहत बोस सुदीप्त सेन से अपना अखबार चलाने के लिए हर महीने 60 लाख रुपए की मोटी रकम लेते थे।