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हाय रे नसीब, विधवा है या सुहागिन पता नहीं

Fri, 07 Jun 2013 12:27 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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इंदौर की पद्मा पाटीदार की उलझन बड़ी अजीब है। वह तय कर नहीं पा रही है कि खुद को विधवा समझे या सुहागिन।
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साल 2006 में मालेगांव ब्लास्ट मामले में महाराष्ट्र एटीएस उसके पति दिलीप पाटीदार को साढ़े तीन साल पहले उठा ले गई थी।

उसके बाद से ही उसका अता पता नहीं है। इस बारे में न एटीएस के पास कोई जवाब है और न ही मामले की जांच करने वाली सीबीआई के पास।

मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट मामले में नए सिरे से आरोपी बनाए गए लोगों के परिवार वाले एनआईए पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगा रहे हैं।

इनका कहना है कि चूंकि एनआईए ने राजनीतिक दबाव में निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है, इसलिए दोनों ही मामलों में वह अब तक कोई सबूत नहीं जुटा पाई है। आरोपियों के परिजनों की मांग है कि या तो एनआईए सबूत पेश करे या फिर निर्दोष लोगों की रिहाई में मदद करे।

प्रेस क्लब में बृहस्पतिवार को आपबीती सुनाते हुए पद्मा ने बताया कि उनके पति दिलीप को महाराष्ट्र एटीएस 10 नवंबर 2008 को उठा ले गई। बाद में उनका कुछ पता नहीं चला।
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इस मामले की जांच करने वाली सीबीआई यह तो मानती है कि उसे एटीसी की टीम उठा ले गई थी। मगर उसने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में कहा कि अब वह कहां है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।

सीबीआई ने बीते साल इस मामले में शामिल एटीएस के लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। यहां तक की मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले में रुचि नहीं ली।

उल्लेखनीय है कि मालेगांव ब्लास्ट मामले में एटीएस ने आतंकी संगठन सिमी के लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में इसकी जांच करने वाली सीबीआई की जांच में भी इस धमाके के पीछे सिमी का ही हाथ पाया गया था।

मगर जब इस मामले को एनआईए ने अपने हाथ में लिया तो उसने पूरे मामले में ‘हिंदू आतंकवाद’ की नई थ्योरी पेश करते हुए नए सिरे से गिरफ्तारी की।

मालेगांव धमाका मामले में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञा सिंह के बहनोई भगवान, कमल चौहान के पिता और लोकेश शर्मा की पत्नी साधना शर्मा ने एटीएस पर इस मामले में राष्ट्रीय स्वयं संघ के नेताओं का नाम लेने का दबाव डालने और बुरी तरह से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
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साधना ने कहा कि अगर उनके पति दोषी हैं तो एनआईए सबूत पेश कर उन्हें सजा दिलाए। भगवान ने भी सवाल उठाया कि आखिर छह साल में एनआईए पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तक क्यों दाखिल नहीं कर पाई है।

उन्होंने हिरासत में प्रज्ञा की अमानवीय पिटाई का आरोप लगाया और कहा कि पिटाई के कारण ही वह कैंसर सहित कई अन्य बीमारियों से जूझ रही हैं।
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