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अब फोतेदार खोलेंगे कांग्रेस के अहम राज

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किताबी राजनीति के अभी और तेज होने के आसार हैं। पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह की किताब के जवाब में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के किताब लिखने के ऐलान के बाद अब नेहरू गांधी परिवार के एक और विश्वासपात्र पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य माखनलाल फोतेदार की किताब भी जल्दी ही आने वाली है।
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फोतेदार की कोशिश है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अगले जन्मदिन यानी इसी साल 19 नवंबर के दिन इस किताब का विमोचन हो जाए। फोतेदार जिन्हें दस जनपथ और नेहरू गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है, की किताब से कांग्रेस के कई पुराने दिग्गज नेताओं को लेकर सियासी धमाके हो सकते हैं।

इंदिरा गांधी समेत कई प्रधानमंत्रियों के राज खुलेंगे

यह किताब भी इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के जमाने से लेकर नरसिंह राव और मनमोहन सिंह सरकारों के करीब तीस साल के राजनीतिक कालखंड की कांग्रेसी सियासत के कई राज खोलेगी।

सोमवार को भाजपा के शिखर नेता पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी के साथ संसद भवन परिसर में आधे घंटे से ज्यादा तक हुई अंतरंग मुलाकात की भी कांग्रेसी हलकों में खासी चर्चा है। इस मुलाकात में आडवाणी की बेटी प्रतिभा भी मौजूद थीं।

बाबरी मजिस्द गिरने पर दिया था इस्तीफा

माखन लाल फोतेदार को इंदिरा गांधी के जमाने से नेहरू गांधी परिवार का बेहद भरोसेमंद और करीबी माना जाता रहा है। राजीव गांधी के समय भी फोतेदार खासे ताकतवर नेता थे।

नरसिंह राव ने उन्हें अपनी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया था, लेकिन अयोध्या मामले में नरसिंह राव से फोतेदार के गहरे मतभेद थे और बाबरी मस्जिद गिरने के बाद उन्होंने मंत्रिमंडल की बैठक में इसकी जिम्मेदारी सीधे राव पर ही डालते हुए इस्तीफा भी दिया था।
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सोनिया गांधी लेती रही हैं सलाह

हालाकि सोनिया गांधी कभी कभी फोतेदार को बुलाकर उनकी सलाह लेती रहती हैं, लेकिन यूपीए सरकार केदस साल में वह दस जनपथ के दरबार में फोतेदार की वैसी नहीं चली जैसी इंदिरा और राजीव के जमाने में चलती रही। इसलिए वह इन दिनों खामोशी से अपनी किताब पर काम कर रहे हैं।

फोतेदार के करीबी सूत्रों के मुताबिक हालाकि उन्होंने अभी किताब के प्रकाशक का फैसला नहीं किया है, लेकिन वह चाहते हैं अगले दो तीन महीनों में वह अपनी किताब पूरी कर लेना चाहते हैं, जिससे वह इंदिरा गांधी के जन्म दिवस 19 नवंबर के दिन उसका लोकार्पण करवा सकें।

कांग्रेस की राजनीति में नरसिंह राव के युग में फोतेदार अर्जुन सिंह, नारायण दत्त तिवारी नटवर सिंह और शीला दीक्षित का एक ऐसा अलग गुट माना जाता था, नरसिंह राव का धुर विरोधी था।
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