सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वह दूध में मिलावट करने वालों के खिलाफ आजीवन कारावास का कानून बनाएं।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार अपने कानून में संशोधन कर मिलावटी दूध बनाने और कारोबार करने वालों के खिलाफ जो कानून हैं उसमें संशोधन कर उसे आजीवन कारावास में बदलें।
जज केएस राधाकृष्णण और जज एके सिकरी के बेंच ने यूपी, पश्चिम बंगाल और उड़ीस में बिक रहे मिलावटी दूध को ध्यान में रखते हुए कहा कि इनमें सिंथेटिक चीजों के मिलावट के कारण यह सेहत के लिए हानिकारक है।
मिलावटी खान पान को लेकर जो अभी खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता कानून है, उसके तहत अधिकतम 6 महीने की सजा हो सकती है।
कोर्ट ने एक याचिका की सुनावाई करते हुए यह फैसला दिया, जिसमें 2011 में मिले दूध के नमूनों में भारी मात्रा में मिलावटी पदार्थ मिले थे।