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दूसरी पत्नी को भी गुजारा भत्ते का हक: सुप्रीम कोर्ट

Mon, 21 Oct 2013 08:11 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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हिंदू मैरिज एक्ट के तहत पहली शादी को छिपा कर दूसरी शादी करना गैरकानूनी है, लेकिन गुजारा भत्ता हासिल करना हो तो दूसरी पत्नी की शादी वैध मानी जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई और जस्टिस एके सीकरी की बेंच ने कहा है कि दूसरी पत्नी को गुजारा भत्ता पाने का पूरा हक है और इस संबंध में पहले का फैसला लागू नहीं होगा।

पहले के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पहली शादी छिपा कर (अगर वह जीवित है) किसी महिला से दूसरी शादी करता है तो उसे गुजारा भत्ता पाने का हक नहीं होगा।
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बेंच ने कहा कि अगर मौजूदा फैसले की व्याख्या मंजूर नहीं की जाती है तो पति, पत्नी को धोखा देकर भी फायदे में रहेगा, इसलिए कम से कम सीआरपीसी की धारा 125 के तहत गुजारा भत्ते के दावे के लिए दूसरी पत्नी को कानूनी तौर पर विवाहित पत्नी का दर्जा मिलना चाहिए।

बेंच ने कहा, 'हमारा मानना है कि आधव और सबिताबेन मामले में यह फैसला सिर्फ उस हालात में लागू होगा जब पत्नी को पति की पहली शादी के बारे में पता होगा। पत्नी को मालूम होना चाहिए कि हिंदू मैरिज एक्ट में पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी नहीं की जा सकती। अगर उसने ऐसा किया तो बाद में बुरे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।'
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सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने यह फैसला उस व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए दिया, जिसने बांबे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी। बांबे हाई कोर्ट ने इस व्यक्ति को अपनी दूसरी पत्नी को गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। इस व्यक्ति अपनी जीवित पत्नी के रहते दूसरी शादी की थी।
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