सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ किया है कि अयोध्या में विवादित स्थल के पास स्थित 67 एकड़ भूमि में यथास्थिति बरकरार रखी जाए। खुदाई की गतिविधियों के दौरान इस जमीन पर किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
जस्टिस आफताब आलम व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की पीठ ने विवादित स्थल पर राम लला के अस्थायी मंदिर के तिरपाल और रस्सियों को बदलने की अनुमति और इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत 2003 से नियुक्त दो न्यायिक अधिकारियों को मुक्त करने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। मामले की सुनवाई अब 18 फरवरी को होगी।