नक्सली हमले में मारे गए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा को 16 हथियारबंद गार्डों की जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त थी, लेकिन जब नक्सली हमला हुआ, तब उनके साथ महज छह सुरक्षाकर्मी चल रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक कर्मा के अलावा नंद कुमार पटेल के पास भी पर्याप्त सुरक्षा नहीं थी।
शुरुआती जांच में सामने आ रहा है कि कांग्रेस की रैली के लिए सुकमा में तो पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, लेकिन जब यह रैली जगदलपुर जिले में पहुंची तो सुरक्षा पर कोई गौर ही नहीं किया गया।
बस्तर के एसपी मयंक श्रीवास्तव ने कांग्रेस यात्रा को सुरक्षा मुहैया कराने के कोई निर्देश ही नहीं दिए थे। सुरक्षा में इस भारी चूक के चलते ही नक्सली दरभा घाटी में हमले को अंजाम देने में कामयाब रहे। लापरवाही के लिए मयंक श्रीवास्तव को निलंबित किया गया है।