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171 रुपए के पानी के लिए खर्च किए 4.66 लाख रुपए

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महाराष्ट्र के मंत्री और सचिव पांच महीने में 4.66 लाख रुपये कीमत का 24 हजार 648 लीटर बोतलबंद पानी गटक गए। सूचना के अधिकार के तहत इसका खुलासा हुआ है।
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एक तरफ महाराष्ट्र के दूरदराज गांवों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं वहीं दूसरी तरफ एसी में बैठे मंत्री और सचिव लाखो रुपये बोतलबंद पानी में खर्च कर रहे हैं। इस शाही खर्च पर सवाल उठना लाजिमी है, क्योंकि मुंबई में पेयजल की आपूर्ति करने वाली मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) इतने ही पानी के लिए सिर्फ 171 रुपये लेती है।

मंत्रालय कैंटीन के महाप्रबंधक और जन सूचना अधिकारी ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली के सवालों के जवाब में बताया कि दिसंबर 2014 से लेकर अप्रैल 2015 तक यानि पांच महीने में 83 हजार 628 बिसलरी की बोतलें मंगाई गई जिनकी कीमत चार लाख 66 हजार 19 रुपये है।
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बोतलबंद पानी पर हो रहा है खर्च

इसमें  250 मिलीलीटर की बोतल का पानी सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया गया जिस पर तीन लाख 67 हजार रुपये से भी अधिक का खर्च आया। इसके अलावा 500 मिली की 14 हजार 496 बोतलबंद पानी इस्तेमाल किया गया, जिसके लिए 96 हजार 688 रुपये खर्च किए गए। एक लीटर वाली सिर्फ 156 बोतलें इस्तेमाल की गईं, जिसके लिए 1689 रुपये का भुगतान किया गया।

हालांकि रोजाना आपूर्ति होने वाले बोतलबंद पानी के लिए जारी आदेश की जानकारी नहीं दी गई, लेकिन खर्च का पूरा ब्योरा दिया गया है। गलगली ने कहा कि सरकार बोतलबंद पानी पर लाखों रुपये खर्च कर रही है जबकि बीएमसी एक हजार लीटर पानी की सप्लाई पर सिर्फ 4.32 रुपये और 2.592 रुपये सीवरेज चार्ज सहित कुल 6.912 रुपये ही वसूलती है।

बेकार गई अमित शाह की नसीहत
आरटीआई को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नसीहत बेकार गई। कोल्हापुर में राज्य भाजपा कार्यकारिणी और राज्य परिषद की बैठक में अमित शाह ने मंत्रियों की अलग से क्लास ली थी। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने आरटीआई के सवालों के जवाब को लेकर सचेत किया था, ताकि छोटी-छोटी जानकारी से सरकार को बदनाम होने से बचाया जा सके।
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