रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों से मुंबई आने वाले लोग शिवेसना और मनसे जैसी प्रखर मराठीवादी पार्टियों के निशाने पर रहे हैं लेकिन अब राज्य सरकार भी उन्हें खदेड़ने पर उतारू हो गई है।
महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार ने वित्तीय वर्ष 2015-2016 के आम बजट में मुंबई आने वाली पर-प्रांतीयों की भीड़ को रोकने के लिए बाकायदा निधि का प्रस्ताव किया गया है। इसे लेकर हंगामा मचा तो वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार बचाव में आ गए। उन्होंने सफाई दी कि पर-प्रांतीयों को रोकने की ऐसी कोई योजना नहीं है।
विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने पर-प्रांतीयों को मुंबई आने से रोकने की योजना का कोई जिक्र नहीं किया था। लेकिन, सामान्य प्रशासन विभाग के विषय क्रमांक 29 (अ) की कार्य निधि वितरण पत्रिका में ‘मुंबई आने वाले पर-प्रांतीयों की भीड़ को रोकने की उपाय योजना’ शीर्षक के तहत निधि प्रस्तावित की गई है।