बीते साल दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनाव में मुंह की खाने के बाद भाजपा ने असम में अपनी जीत की कोशिश शुरू कर दी है। पार्टी ने सूबे में 15 वर्षों से जमे गोगोई सरकार को चुनौती देने के लिए 11 दलों और संगठनों का महागठबंधन तैयार किया है। महागठबंधन की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इसी महीने के तीसरे हफ्ते होने वाली असम यात्रा के दौरान की जाएगी।
इस महागठबंधन में 10 सीटों वाली बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) समेत 9 अन्य छोटे दल और संगठन शामिल हैं। असम गण परिषद (एजीपी) से बातचीत इसके अध्यक्ष अतुल वोरा और पूर्व अध्यक्ष प्रफुल्ल महंत के आपसी टकराव के कारण फिलहाल परवान नहीं चढ़ पाई है।
हालांकि पार्टी ने बातचीत का सिलसिला जारी रखने का फैसला किया है। उधर कांग्रेस में भाजपा के महागठबंधन से मुकाबला करने के लिए एआईयूडीएफ के साथ गठबंधन पर बातचीत का सिलसिला जारी है।