बिहार में बोधगया के महाबोधि मंदिर पर हमले का आतंकी कनेक्शन सामने आया है। और जैसी जानकारी सामने आ रही है, उससे साफ होता है कि पर्याप्त सूचना के बावजूद सुरक्षा इंताजामात को लेकर संजीदगी नहीं दिखाई गई।
महाबोधि मंदिर पर आतंकी हमला, 8 सीरियल धमाके
पुणे में बम धमाकों के बाद गिरफ्तार पांच आतंकवादियों ने पूछताछ में बताया था कि इसके बाद अगला निशाना महाबोधि मंदिर को बनाया जाना था।
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इन आतंकियों में से एक मकबूल ने खास तौर से इस बारे में जानकारी मुहैया कराई थी। उसने कहा था कि देश में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले भटकल बंधुओं ने महाबोधि मंदिर पर हमले की साजिश रची थी। और इस सिलसिले में रेकी भी की गई थी।
उस वक्त स्पेशल सेल की तरफ से प्रेस रिलीज जारी की गई थी, जिसमें साफ तौर पर बताया गया था कि मकबूल के मुताबिक महाबोधि को निशाना बनाया जा सकता है।
तस्वीरों में देखिए बोधगया का महाबोधि मंदिर
यह प्रेस रिलीज 26 अक्टूबर, 2012 को रिलीज की गई थी। इससे साफ होता है कि सुरक्षा एजेंसियों को नौ महीने पहले ही पता चल गया था कि बोधगया में आतंकी हमला हो सकता है। मंदिर पर फिदायीन हमला करने की साजिश थी।
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गिरफ्तार आतंकवादियों ने बताया था कि भटकल बंधुओं ने उनसे कहा था कि पुणे के बाद अगला निशाना बोधगया होगा। लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने क्यों कदम नहीं उठाया, यह सवाल गंभीर है।