मद्रास हाईकोर्ट ने नपुंसकता की वजह से दंपतियों के बीच बढ़ती वैवाहिक समस्याओं और तलाक पर गंभीर चिंता प्रकट की है। हाईकोर्ट ने तमिलनाडु और केंद्र सरकार को विवाह से पहले मेडिकल जांच को अनिवार्य बनाने पर विचार करने को कहा है।
साथ ही इस शर्त का पालन नहीं करने वाले लोगों को सजा देने और जुर्माना लगाने की बात कही है। हाईकोर्ट ने यौन समस्याओं के चलते वैवाहिक जीवन में बढ़ते कलह को गंभीर और मानव त्रासदी करार दिया। साथ ही कहा कि इससे बचा जाना चाहिए।
मद्रास हाईकोर्ट ने पांच सवालों पर केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। जस्टिस एन किरुबकरण ने एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर अपने अंतरिम फैसले में यह बात कही।