मुस्लिम टोपी और गुजरात दंगों के चलते विरोधी दलों के हमले झेल रहे नरेंद्र मोदी को जमीयत उलेमा ए हिंद के मुखिया मौलाना महमूद मदनी का फिर सहारा मिला है। पहले भी गुजरात के सीएम की तारीफ कर आलोचनाओं का शिकार हो चुके मदनी एक बार फिर मोदी के पक्ष में खुलकर सामने आए हैं।
उन्होंने न केवल गुजरात दंगा मामले में माफी न मांगने पर मोदी का बचाव किया बल्कि उनके मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार करने पर आलोचना करने वालों को भी आड़े हाथ लिया।
उन्होंने कहा कि मुद्दा धार्मिक टोपी पहनने या न पहनने का नहीं बल्कि सभी धर्मों के लोगों का समान रूप से विकास करने का होना चाहिए।
बॉलीवुड में हो चुका है दो फाड़
इस लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी के पक्ष और विरोध के सवाल पर बॉलीवुड तक दो फाड़ हो चुका है। इससे पहले बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के पिता और लेखक सलीम खान भी मोदी का सार्वजनिक रूप से बचाव किया था।
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में मदनी ने गुजरात दंगा मामले में मोदी के माफी न मांगने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि वह मोदी की इस बात से सहमत हैं कि अगर इस मामले में वह दोषी हैं तो उन्हें सजा दी जाए।
उन्होंने कहा कि माफी मांगने से नुकसान कम नहीं होता। वैसे भी मोदी खुलेआम कह रहे हैं कि वह माफी नहीं मांगेंगे, अगर वह दोषी हैं तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।
मोदी के मुरीद रहे हैं मदनी
मोदी के मुस्लिम टोपी न पहनने के कारण हो रही आलोचनाओं को भी मदनी ने खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है। किसी को जबरन धार्मिक चिन्ह लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तरह मैं तिलक नहीं लगा सकता, उसी तरह मोदी ने मुस्लिम टोपी पहनने से इनकार किया है।
उन्होंने मोदी के पीएम बनने पर मुसलमानों के लिए खतरा होने या देश के बंटने की संभावना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आम चुनाव में मुद्दा सभी धर्मों के लोगों का समान विकास होना चाहिए, न कि किसने मुस्लिम टोपी पहनी और किसने नहीं।
मौलाना मदनी ने बीते साल फरवरी में भी गुजरात में विकास कार्यों के मद्देनजर मोदी की तारीफ की थी। उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान गुजरात के कई हिस्सों में मुसलमानों के भाजपा के पक्ष में वोट देने का दावा करते हुए कहा था कि चूंकि वहां इस समुदाय का भी उल्लेखनीय विकास हुआ है, इसलिए मोदी के प्रति मुसलमानों का मन बदल रहा है। हालांकि इसके बाद मदनी को कई मुस्लिम संगठनों की आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था।