प्रदेश सरकार अब यूपी को कर्नाटक व आन्ध्र प्रदेश की तर्ज पर आईटी उद्योग के लिए आकर्षक जगह बनाने की मुहिम में जुट गई है। इसके लिए कैबिनेट ने प्रदेश की नई आईटी नीति पर मुहर भी लगा दी है। नीति के तहत लखनऊ व आगरा को खास तौर पर आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई आईटी नीति को मंजूरी मिल गई है। पहले चरण में लखनऊ व आगरा में आईटी सिटी बनाए जाएंगे। इसके लिए कम से कम सौ एकड़ जमीन लेना जरूरी है। यहां आईटी कंपनियों का आकर्षक दर पर जमीन के पट्टे दिए जाएंगे। इन आईटी सिटी में सेटेलाइट सिटी की सुविधा होगी। यहां सभी तरह की आधुनिकतम आवासीय, कामर्शियल व मनोरंजन की सुविधाएं होंगी।
सरकार प्रतिष्ठित घरेलू व विदेशी शैक्षिक संस्थानों से सहयोग कर उन्हे यूपी में अपने कैम्पस स्थापित करने को प्रोत्साहित करेगी। आईटी उद्योगों के लिए कुशल संसाधनों के इस्तेमाल के लिए सरकार नॉलेज सेंटर प्रोग्राम बोर्ड बनाएगी। प्रदेश भर में उत्कृष्टता केंद्र बनेंगे, जो कार्यक्रमों व कोर्स द्वारा आईटी शिक्षा को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का बनाए रखने में मदद करेंगे। आईटी नीति के अमल के लिए नीति कार्यान्वयन यूनिट बनेगी। इसमें प्रतिनियुक्ति पर अधिकारी व सलाहकार रखे जाएंगे।
ये हैं खास बातें
-नए आईटी उद्योगों को ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। इसकी अधिकतम सीमा प्रति उद्योग एक करोड़ होगी। यह पांच सालों तक देय होगी।
-कुछ शर्तों के साथ आईटी प्रोजेक्ट के लिए सस्ती जमीन मिलेगी।
-आईटी कंपनियों को सातों दिन व चौबीस घंटे-तीन पालियां चलाने की अनुमति होगी। इसके लिए श्रम विभाग से विशेष छूट दिलाई जाएगी। इन सभी पालियों में महिलाओं को काम करने की इजाजत होगी।
-बीस से अधिक कर्मचारियों वाली आईटी कंपनियों को मास्टर प्लान या लैंड यूज से इतर जाकर कहीं भी स्थापित करने की छूट होगी।
-सूचना प्रौद्योगिकी इकाइयों द्वारा उत्पादन शुरू होने की तारीख से पांच साल तक जो वाणिज्य कर अदा किया जाएगा, उसका 75 प्रतिशत हिस्सा वापस कर दिया जाएगा।
-आईटी सर्विस इकाइयों के लिए खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप शुल्क से सौ प्रतिशत छूट मिलेगी। वैट व केंद्रीय वाणिज्य कर में कुछ शर्तों के साथ ब्याज मुक्त लोन देकर दस सालों तक प्रतिपूर्ति की जाएगी।
-आईटी कंपनियों को सरकारी एजेंसियों से जमीन खरीदने पर मौजूदा दरों पर 25 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
-यदि आईटी सिटी या आईटी पार्क के लिए तीन मेगावाट से अधिक का कैपटिव पावर प्लांट लगाया जाएगा, तो उस पर भी आईटी उद्योग की तरह सभी तरह की छूट मिलेगी।
-आईटी विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में बनी एक कमेटी उद्यमियों को प्रदूषण नियंत्रण, फैक्ट्री एक्ट, दुकान व व्यापारिक प्रतिष्ठान कानून, न्यूनतम मजदूरी कानून, विद्युत आवंटन आदि में सहयोग करेगी।
-बंगलुरू, चेन्नई व हैदराबाद में रोड शो आयोजित कर आईटी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा।
लखनऊ में 150 एकड़ में बनेगी आईटी सिटी
लखनऊ में आईटी सिटी बनाने के लिए जमीन की व्यवस्था कर ली गई है। कैबिनेट ने इसके लिए चक गजरिया फार्म की 150 एकड़ जमीन आईटी विभाग को देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह जमीन पशुधन विभाग की है जो नि:शुल्क दी गई है। इस आईटी सिटी में फाइबर आप्टिक कनेक्टिविटी वाले अत्याधुनिक टेलीफोन एक्सचेंज होगा। संचार व्यवस्था के लिए डेडिकेटेड अर्थ स्टेशन के अलावा लिंक भी इसमें उपलब्ध होगा।