वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज कहा कि रसोई गैस की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है और इसकी कीमतें गैस कंपनियां ही तय करती हैं। हालांकि कुछ वस्तुओं पर सब्सिडी पूरी तरह समाप्त नहीं की जा सकती है। पी चिदंबरम ने पत्र सूचना कार्यालय द्वारा आयोजित वार्षिक आर्थिक संपादक सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान ये बातें कहीं।
वित्त मंत्री ने कहा कि सब्सिडी जितनी अधिक बढ़ेगी, महंगाई और वित्तीय घाटा भी उतना अधिक बढे़गा। लेकिन कुछ क्षेत्रों जैसे खाद्य, उर्वरक और कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी पूरी तरह से समाप्त नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अभी 800 रूपए की कीमत वाला रसोई गैस सिलेंडर लोगों को 400 रूपए में दिया जाता है और इसकी शेष राशि का भुगतान सरकार करती है।
उन्होंने कहा कि इन कीमतों से सरकार का कोई लेना देना नहीं है। ये कीमतें कई कारको पर निर्भर करती हैं, जिसमें परिवहन, पैकिंग, सिलेंडर की कीमत, डीलर कमीशन और गैस के मूल्य शामिल हैं। मालूम हो कि सरकार ने एक साल में रियायती रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या छह तक सीमित कर दी है। इससे अधिक सिलेंडर बाजार मूल्य पर दिये जाएंगे।