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एक दिन और टली ‘लोकपाल’ की अग्निपरीक्षा

Mon, 16 Dec 2013 12:24 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े लोकपाल बिल की अग्निपरीक्षा एक दिन और टल गई है। केंद्रीय मंत्री शीश राम ओला के निधन के कारण अब इस बिल पर मंगलवार को राज्यसभा में बहस होगी।
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विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद बैकफुट पर आई केंद्र सरकार इस बिल को कानूनी जामा पहनाने को लेकर उतावली है। भाजपा सहित लगभग सभी दलों ने जहां बिल के समर्थन की बात कही है, वहीं सपा अब भी इसके विरोध में खड़ी है।

सपा के तीखे तेवरों के चलते बिल के भविष्य पर फिलहाल प्रश्न चिन्ह लगा हुआ है। देखना दिलचस्प होगा कि गले की फांस बन चुके इस बिल को पारित कराने के लिए सरकार सपा को मना पाती है या नहीं।
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कार्मिक मंत्री वी नारायणसामी जहां बिल के पारित होने के प्रति आश्वस्त हैं, वहीं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने सपा को बिल का समर्थन करने के लिए भाजपा से सीखने की नसीहत दी है।

विधानसभा चुनाव में करारी हार और अन्ना के आमरण अनशन पर बैठने के बाद अचानक हरकत में आई सरकार ने इस बिल को शुक्रवार को राज्यसभा में पेश किया। हालांकि सपा के विरोध के कारण इस पर चर्चा नहीं हो पाई।

सरकार की योजना बिल पर सोमवार को चर्चा कराकर पारित करने की थी। मगर ओला के निधन के कारण अब सरकार मंगलवार को इसे पारित कराने की कोशिश करेगी।

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सरकार इस सत्र में हर हाल में इस बिल को कानूनी जामा पहनाना चाहती है। राज्यसभा में पारित होने के बाद कानूनी जामा पहनने के लिए बिल को लोकसभा की दहलीज भी सफलतापूर्वक पार करनी होगी।

मुख्य समस्या सपा का रुख
दरअसल लोकसभा में पारित होने के बाद नाटकीय घटनाक्रम में यह बिल राज्यसभा में लटक गया था। बाद में इसे प्रवर समिति को भेजा गया।

बिल को हर हाल में पारित कराने के लिए सरकार ने भाजपा सहित कुछ अन्य दलों की आपत्तियों का भी निपटारा कर दिया है। सरकार के सामने मुख्य समस्या सपा का रुख है।

अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने की धमकी
सपा इस कदर विरोध में खड़ी हो गई है कि उसने लोकसभा में सरकार के खिलाफ कांग्रेस के ही सांसदों के पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने तक की धमकी दे डाली है।

इस दौरान सपा को मनाने की तमाम कोशिशें नाकाम रही हैं। इसलिए सबकी नजरें सरकार के भावी रुख पर है। अब मंगलवार को ही पता चलेगा कि सरकार अपने इस सहयोगी को मना पाई या बिल को पारित कराने के लिए अन्य रास्ते तलाश लिए।
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