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एफडीआई पर बहस: ये हैं नियम 184 और 168

Tue, 04 Dec 2012 09:49 AM IST
विजय जैन/नई दिल्ली
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लोकसभा में मंगलवार को नियम 184 के तहत रिटेल में एफडीआई पर बहस शुरू होगी और बुधवार को वोटिंग होगी, जबकि राज्यसभा में नियम 168 के तहत चर्चा बुधवार को शुरू होगी और वोटिंग गुरुवार को होगी। आइए पहले आपको बताते हैं कि ये नंबर गेम क्या है? लोकसभा में नियम 184 और राज्यसभा का नियम 168 के क्या मायने हैं।
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लोकसभा रूल बुक के चैप्टर XV में नियम 193 से 196 तक चार नियम हैं। नियम 193 यह परखता है कि किस प्रकार एक सदस्य किसी तात्कालिक महत्व के मुद्दे पर बहस के लिया आवेदन देगा| जबकि नियम 195 के अनुसार सदन में कोई भी औपचारिक प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता और न ही वोटिंग करायी जा सकती है|

इसी प्रकार से राज्यसभा की नियमावली के चैप्टर XIII के नियम 178 के अनुसार कौंसिल के सामने कोई भी औपचारिक प्रस्ताव नहीं होगा और ना ही वोटिंग होगी। हलाकि छोटी बहसों तथा चर्चा को वोटिंग से अलग रखा गया है जो की लोकसभा में चैप्टर XIV तथा राज्यसभा में चैप्टर XII में दिया गया है|
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लोकसभा के नियम 184 (जो की राज्यसभा के नियम 167) के अनुसार आम जनता के हित से जुड़े किसी विषय पर बहस की अनुमति स्पीकर ही देंगे, वह नियम 191 है जिसमें वोटिंग का प्रावधान है जो की राज्यसभा के लिए नियम 173 है। नियम 191 कहता है कि स्पीकर किसी निर्धारित दिन के निर्धारित समय पर अथवा किसी निर्धारित दिन के आखिरी घंटे में किसी प्रश्न या मुद्दे पर सभा के मत जानने के लिए उस मुद्दे पर कोई भी प्रश्न करने की अनुमति प्रदान कर सकता है|

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप के अनुसार इस मुद्दे पर बहस करने के लिए एक अन्य नियम का इस्तेमाल किया जा सकता है- वो है लोकसभा का नियम 342 , इस नियम के अनुसार प्रारंभिक अवस्था में इस नियम के तहत केवल बहस होगी, वोटिंग की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बहस के ख़त्म होते ही सदन के किसी सदस्य को ये आवश्कता होगी की वो सदन में एक प्रस्ताव लाये और अगर प्रस्ताव नहीं लाया जाता है तो ये बहस बिना वोटिंग के ही ख़त्म हो जाएगी।

राज्यसभा में नियम 168 के तहत एफडीआई पर चर्चा होगी। इस नियम के तहत सिर्फ चर्चा होती है, लेकिन अगर चर्चा के बाद यह महसूस किया गया कि वोटिंग होना चाहिए, तो नियम 167 के तहत वोटिंग करायी जा सकती है।
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