16वीं लोकसभा के लिए चुनावी महासमर का आगाज हो गया है।नौ चरणों में से पहले चरण के तहत पूर्वोत्तर के दो राज्यों असम और त्रिपुरा की छह सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। वोटिंग के साथ ही असम की पांच सीटों तेजपुर, कलियाबोर, जोरहाट, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर पर 51 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम मशीनों में बंद हो जाएगा। इन सीटों पर दो केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटोवार और रानी नारा के अलावा असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई मैदान में हैं।
इसके अलावा कांग्रेस के बागी उम्मीदवार मोनी कुमार सुब्बा, असम इकाई के भाजपा अध्यक्ष सर्वोनंद सोनोवाल और उल्फा के वार्ता समर्थक धड़े के कमांडर हीरा सरानिया उर्फ नबा कुमार सरानिया भी अपनी चुनौती पेश करेंगे। सरानिया कई गैर बोडो संगठनों के समर्थन से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार खड़े हुए हैं। इसके अलावा त्रिपुरा की एक सीट त्रिपुरा पश्चिम के लिए वोट डाले जाएंगे। असम में तीन सीटों के लिए 12 अप्रैल को मतदान होगा।
खास बात यह है कि इस बार पूर्वोत्तर के किसी भी उग्रवादी और अलगाववादी संगठन ने इस चुनाव के बहिष्कार की घोषणा नहीं की है। इसके बावजूद चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और हिंसा मुक्त मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं।