केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने हैदराबाद में हुए दोहरे धमाकों पर लोकसभा में बयान दिया। हालांकि उनके बयान से नाखुश भाजपा ने इसे महज 'औपचारिकता' भर बताया।
शिंदे ने लोकसभा को जानकारी दी कि हैदराबाद में हुए दोहरे विस्फोटों में 16 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि धमाकों की जांच राज्य पुलिस और एनआईए की टीम कर रही है।
शिंदे के बयान पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि विस्फोट पर केंद्रीय गृह मंत्री का बयान केवल औपचारिकता भर है।
लोकसभा के बाद गृहमंत्री शिंदे को राज्यसभा में भी बयान देना था। हालांकि शिंदे राज्यसभा में बयान नहीं दे पाए और हंगामे के कारण सदन स्थगित कर दिया गया।
इससे पहले लोकसभा में हैदराबाद धमाकों पर हो रही चर्चा में समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने पूछा कि सरकार को जब देश में आतंकी हमले की जानकारी थी तो वह इसे रोकने में नाकामयाब कैसे रही? उन्होंने कहा कि सरकार को इस बात का जवाब देना होगा कि किन वजहों से यह वारदात हुई?
सदन में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज ने कहा कि जब तक आंतक के खिलाफ एक राय नहीं बनती और इसे धर्म के नजरिए से देखा जाना बंद नहीं होता, इसे रोकना नामुमकिन है।
इससे पहले श्रीलंका सरकार के खिलाफ मानवाधिकार हनन के मुद्दे तथा कुछ अन्य मामलों को लेकर सदस्यों ने लोकसभा में भारी हंगामा किया, जिसके कारण बजट सत्र के कामकाज के पहले दिन प्रश्नकाल नहीं हो पाया।
सदन की बैठक शुरु होते ही अध्यक्ष मीरा कुमार ने हैदराबाद में हुए दोहरे बम धमाकों की निंदा की। उन्होंने इसे आतंकवादियों का कार्यरतापूर्ण कृत्य करार दिया। साथ ही सदस्यों ने कुछ क्षण मौन रखकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।