श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर हंगामे की वजह से संसद के दोनों सदनों में प्रश्नकाल नहीं हो सका। बाद में लोकसभा की कार्यवाही 22 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी गई। सत्र का दूसरा भाग 22 अप्रैल से 10 मई तक का होगा।
दोनों सदनों की कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही द्रमुक और अन्नाद्रमुक के सांसद लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी के आसन के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
मीरा कुमार और डॉ. अंसारी ने हंगामा कर रहे सांसदों को अपनी सीट पर जाने को कहा लेकिन वे नहीं माने।
राज्यसभा में अन्नाद्रमुक नेता वी मैत्रेयन के नेतृत्व में तीन सांसद सभापति के आसन के पास नारेबाजी करने लगे। उन्होंने श्रीलंकाई तमिलों की दुर्दशा पर सरकार द्वारा विश्वासघात का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से सदन में स्पष्टीकरण देने की मांग की।
लोकसभा में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। द्रमुक और अन्नाद्रमुक सदस्यों को मीरा कुमार ने शांत रहने को कहा, लेकिन वे नहीं माने। बाद में सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।