राज्यसभा में लोकपाल की सेलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट पेश की दी गई है। हालांकि हंगामे के कारण इस पर बहस नहीं हो सकी और राज्यसभा स्थगित कर दी गई। सेलेक्ट कमेटी के चेयरमैन सत्यव्रत चतुर्वेदी ने बताया कि रिपोर्ट पर किसी भी दल को आपत्ति नहीं है। बताया जा रहा है कि सेलेक्ट कमेटी ने रिपोर्ट में प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने की सिफारिश की है।
वहीं, मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मुद्दे पर हंगामे और नारेबाजी बीच लोकसभा सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। आज सुबह 11.00 बजे अध्यक्ष मीरा कुमार ने जैसे ही प्रश्नकाल की घोषणा की तृणमूल कांग्रेस के सदस्य उनके आसन के पास आकर एफडीआई वापस लिए जाने की मांग करने लगे।
मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी, वामपंथी दलों और तेलुगू देशम पार्टी के सदस्य भी अपनी सीट से खडे होकर एफडीआई के मुद्दे पर नियम 184 के तहत चर्चा की मांग करने लगे। अध्यक्ष ने सदस्यों से कई बार अपनी सीटों पर जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया। लेकिन इसका सदस्यों पर असर नहीं होता देख उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। लेकिन 12 बजे जब लोक सभा दोबारा शुरू हुई तब भी हंगामा जारी रहा, जिसके चलते लोकसभा सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।