पठानकोट हमले की जांच के दौरान एयरबेस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। जांच के दौरान पता चला है कि एयरबेस के आसपास रहने वाले लोग महज 20 रुपये की रिश्वत देकर इसके अंदर अपने मवेशियों को चराने के लिए ले जाते थे। इतना ही नहीं वे यहां मौजूद सीएसडी की कैंटीन से खरीदारी भी कर लेते थे।
खुफिया एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को एयरबेस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें कई चौंकाने वाली बातें शामिल हैं। इनमें से एक यह है कि इस संवेदनशील सामरिक ठिकाने के अंदर स्थानीय लोगों का बगैर किसी इजाजत के घुसना आम बात है।
ये लोग यहां अलग-थलग मौजूद गेटों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को रिश्वत देकर अपने मवेशियों को एयरबेस के अंदर चराने के लिए ले जाते हैं। एयरबेस के आसपास गुज्जर समुदाय के लोग सैकड़ों की संख्या में रहते हैं और उनका काम पशुपालन है। ये लोग अपनी गायों और भैंसों को हरी घास खिलाने के लिए एयरबेस परिसर में घुस आते हैं।