खगड़िया रेल हादसे की गूंज संसद में भी सुनाई देने के साथ ही बिहार के विपक्षी दलों ने नीतीश सरकार पर हल्ला बोल दिया है।
भाजपा, राजद व लोजपा ने लापरवाही के लिए राज्य प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है।
भाजपा ने इस हादसे की जांच कराने की मांग की है, जबकि लोजपा प्रमुख राम विलास पासवान तो नीतीश के इस्तीफे की मांग पर मैदान में उतर आए हैं।
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पासवान ने कहा कि इस दुर्घटना ने राज्य में शासन की पोल खोल दी है। इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।
राजद के राम कृपाल यादव ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है।
भाजपा ने इस दुर्घटना के लिए नीतीश सरकार और रेल मंत्रालय को दोषी ठहराया है।
पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हादसे के दोषियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला चलाया जाना चाहिए। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को उचित मुआवजा तथा घायलों के अच्छे उपचार की मांग की है।
भाजपा नेता ने कहा कि यह बड़े आश्चर्य की बात है कि राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच कोई तालमेल नहीं था क्योंकि खुद रेलमंत्री ने भी माना है कि बिहार प्रशासन ने धमरा घाट रेलवे स्टेशन के पास लगे मेले के बारे में रेलवे को पहले से जानकारी नहीं दी।
प्रसाद ने कहा कि राज्य प्रशासन की ओर से मेले की सूचना नहीं देना बड़ा गंभीर मामला है। रेलवे स्टेशनों के पास इस तरह के मेलों अथवा अन्य समारोहों का आयोजन होने पर राज्य प्रशासन को रेलवे को पहले से सूचित करना होता है ताकि वहां से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार को नियंत्रित किया जा सके।