शहर में हालात सामान्य होने के चलते शनिवार से दिन का कर्फ्यू हटाने की घोषणा की गई है। शुक्रवार को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई। ढील के दौरान ही जुमे की नमाज शांतिपूर्वक व सकुशल निपट गई। करवा चौथ का पर्व होने के चलते बाजारों में खरीददारों की भीड़ रही। स्कूल-कॉलेज खुलने के चलते रौनक पूरी तरह लौट आई है। इस बीच प्रशासन ने भदरसा के 103 प्रभावित लोगों को मुआवजे के रूप में नगर पंचायत सभागार में साढे़ 16 लाख रुपये के चेक बांटे।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान नगर कोतवाली के चौक घंटाघर समेत आसपास के क्षेत्रों में आगजनी, तोड़फोड़ व बवाल के बाद हालात के मद्देनजर पिछले बृहस्पतिवार को प्रशासन ने कर्फ्यू लगाए जाने की घोषणा कर दी थी। पांच दिनों से प्रशासन की ओर से हालात की समीक्षा कर कर्फ्यू अवधि में लगातार छूट ही नहीं बल्कि प्रतिदिन छूट की अवधि में बढ़ोतरी भी की जा रही है। इसके साथ ही बवाल व आगजनी से प्रभावित लोगों को मुआवजा दिए जाने का क्रम भी जारी है। शुक्रवार को प्रशासन की ओर से भदरसा के 103 प्रभावितों को चेक वितरित किए गए।
जिलाधिकारी के हवाले से सूचना विभाग ने बताया कि हालात की समीक्षा के बाद शनिवार को सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील दिए जाने का निर्णय लिया गया है। बवाल में मारे गए दुर्गा प्रसाद कसौंधन के परिवार समेत कुल 103 प्रभावितों को साढे़ 16 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए हैं। शुक्रवार को शहर की विभिन्न मसजिदों में शांतिपूर्ण माहौल में जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान सुरक्षा व शांति के लिए धर्मस्थलों के आसपास प्रशासन ने अतिरिक्त इंतजाम किए थे। पुलिस के मोबाइल दस्ते व अधिकारी लगातार भ्रमण कर हालात पर नजर रखे हुए थे।
अपर महाधिवक्ता ने पेश किया जवाबी हलफनामा
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाल ही फैजाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में हुए बवाल, दंगों व आगजनी मामले की सीबीआई से जांच कराने के आग्रह वाली पीआईएल पर याची को प्रति उत्तर दाखिल करने का समय देकर अगली सुनवाई सात नवंबर को नियत की है। इससे पहले राज्य सरकार की तरफ से जवाब दाखिल कर कहा गया कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जा रही है और घटना के 99 पीड़ितों को 41 लाख दो हजार रुपये बतौर मुआवजा दिए जा रहे हैं।
वरिष्ठ न्यायमूर्ति उमानाथ सिंह व न्यायमूर्ति वीरेंद्र कुमार दीक्षित की खंडपीठ ने शुक्रवार को यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता आनंद प्रकाश शाही की पीआईएल पर दिया। इसमें पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया गया था।