डेरा प्रेमियों और सिख समुदाय के बीच हुए विवाद से बिगड़े हालात अब नियंत्रण में आ गए है। हालांकि पुलिस प्रशासन पूरी तरह चौकस है। मंगलवार को कर्फ्यू में 15 घंटे की ढील दी गई। इस दौरान सामान्य जनजीवन पटरी पर लौटता दिखाई दिया। अर्धसैनिक बलों की गश्त जारी रही और संवेदनशील क्षेत्रों का पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया।
मंगलवार को नगर कीर्तन शांतिपूर्ण ढंग से निकाला गया। अब अधिकारियों का पूरा ध्यान 28 नवंबर को गुरुद्वारों में होने वाले गुरुपर्व और डेरा सच्चा सौदा में डेरे के संस्थापक बेपरवाह शाह मस्ताना के अवतार दिवस पर आयोजित होने वाले भंडारे पर है। इन आयोजनों को लेकर प्रशासन पूरी तरह से चौकस है।
उपायुक्त डॉ. जे गणेसन के अनुसार बुधवार को भी सुबह छह से रात्रि नौ बजे तक कर्फ्यू में ढील रहेगी शेष समय कर्फ्यू जारी रहेगा। मंगलवार को शाह सतनाम चौक, बाजेकां मोड़, रानिया रोड़ पर गुरूद्वारा के आसपास, बांदरोंवाली पुलिया, चतरगढ़पट्टी मोड़, बरनाला रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच का कार्य जारी रहा।
एसजीपीसी की टीम करेगी विवाद की जांच
डेरा प्रेमियों और सिखों के बीच हुई झगड़े की जांच शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की टीम करेगी। यह घोषणा एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ ने मंगलवार को चंडीगढ़ में बाबा तिलोकीवाला से मिलने के बाद दी। इस झगड़े में घायल हुए गुरुद्वारा निर्मल सिंह सरसाहिब तिलोकीवाला के मुख्य सेवादार बाबा गुरमीत सिंह का इलाज चंडीगढ़ में हो रहा है। वे एसजीपीसी सदस्य भी हैं।