हिजबुल मुजाहिद्दीन आतंकी लियाकत शाह को उसके परिवार के पास भेज दिया जाएगा, अगर यह साबित हो जाए कि वह वाकई आत्मसमर्पण के लिए भारत आ रहा था।
यह बात कही है गृह सचिव आरके सिंह ने। सिंह ने कहा है कि मामले की जांच कर रही एनआईए जल्द ही पता लगा लेगी कि सच क्या है। अगर लियाकत की सच्ची नीयत का पता चल जाए तो उसे रिहा कर दिया जाएगा ताकि वह जम्मू-कश्मीर सरकार के आगे आत्मसमर्पण कर आम जिंदगी बसर कर सके।
गृह मंत्रालय का यह नरम रवैया लियाकत और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के लिए राहत की खबर है। सिंह के मुताबिक दिल्ली पुलिस द्वारा लियाकत की गिरफ्तारी के बाद यह पता लगाना जरूरी है कि आत्मसमर्पण के पीछे लियाकत की कोई और चाल तो नहीं थी।
गौरतलब है कि लियाकत अपने परिवार को साथ जम्मू-कश्मीर और गृह मंत्रालय की विशेष आत्मसमर्पण योजना के तहत आत्मसमर्पण करने पाक अधिकृत कश्मीर से नेपाल के रास्ते भारत आ रहा था। भारत-नेपाल सीमा के सोनौली चेक पोस्ट पर दिल्ली पुलिस ने लियाकत को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि उसकी योजना होली के मौके पर दिल्ली में आतंकी वारदात को अंजाम देने की थी। पुलिस ने लियाकत की निशानदेही पर एके 56 और हैंड ग्रेनेड भी बरामद कर लिया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस और वहां के मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस की इस हरकत पर सवाल खड़े कर दिए थे।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कोई भी आतंकी वारदात को अंजाम देने अपने परिवार के साथ नहीं निकलेगा। इस विवाद के बाद पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई है।