मुल्क में बढ़ रहे सांप्रदायिक तनाव और असहिष्णुता के विरोध में साहित्यकारों के पुरस्कार लौटाने के मुद्दे पर संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने कहा है कि साहित्यकार पहले लिखना बंद कर दें, उसके बाद विचार किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों में दादरी में गोमांस खाने के शक में हुई अखलाक की हत्या, कर्नाटक में तर्कवादी एमएम कलबुर्गी की हत्या और मुंबई में शिवसेना के दबाव में जानेमाने गजल गायक गुलाम अली का कार्यक्रम रद्द हो जाने समेत कई ऐसे वाकये हुए हैं, जिन्हें लेकर साहित्यकारों रोष है।
उनका कहना है कि मुल्क में सांप्रदायिकता और असहिष्णुता बढ़ रही है और इससे अल्पसंख्यक भयभीत है। सरकार के रवैये के विरोध में अब तक 13 साहित्यकार साहित्य अकेडमी पुरस्कार लौटाने की घोषणा कर चुके हैं। हालांकि संस्कृति मंत्री महेश शर्मा ने साहित्यकारों के रोष को तवज्जो देने के बजाय कहा है कि पहले लेखक लिखना बंद कर दें, उसके बाद विचार किया जाएगा।