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यूनिसेफ ने बताया, बागपत में हैं सबसे कम गरीब

Sat, 15 Dec 2012 10:59 AM IST
चन्द्र मोहन शर्मा/बागपत
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बागपत की दो तस्वीरें। दोनों एक दूसरे से बिल्कुल जुदा। एक तरफ इतना पिछड़ापन कि जिला मुख्यालय पर बस अड्डा तक नहीं। दूसरी ओर इतनी संपन्नता कि गरीबी न के बराबर। जी हां। उत्तर प्रदेश प्लानिंग कमीशन और यूनिसेफ की संयुक्त किताब ‘चिल्ड्रन इन उत्तर प्रदेश’ के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में सबसे कम गरीब वाला जिला बागपत है।
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बागपत में सिर्फ 6.66 प्रतिशत बीपीएल परिवार हैं। बेशक यहां एक भी बड़ा होटल नहीं, लेकिन 98 फीसदी से ज्यादा लोगों के पास सिर छुपाने के लिए छत है। इस मामले में यह जनपद गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर से भी आगे है।

सबसे ज्यादा बीपीएल परिवार कौशांबी में
हाल ही में प्रशासन के अफसरों को मुहैय्या कराई गई इस किताब में प्रदेश की सामाजिक और आर्थिक स्थिति की तस्वीर भी दी गई है। इसके मुताबिक राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 39 फीसदी परिवार गरीबी रेखा के नीचे रह रहे हैं। सबसे ज्यादा बीपीएल कौशांबी जनपद में 74.65 और सबसे कम बागपत में सिर्फ 6.66 प्रतिशत हैं।
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बागपत में 98.59 प्रतिशत लोगों के पास मकान
प्रदेश के 10 सबसे छोटे जनपदों में छठे नंबर पर आने वाला बागपत आवास सुविधा में पहले पायदान पर है। यहां 98.59 प्रतिशत लोगों के पास अपने मकान हैं। इस मामले में 65.87 प्रतिशत के साथ सबसे खराब स्थिति हरदोई की है। शायद यही वजह है कि बागपत से शासन को एक भी इंदिरा आवास की डिमांड नहीं भेजी गई।

13 लाख से ज्यादा आबादी के बावजूद यहां बीपीएल राशन कार्ड सिर्फ 12.5 हजार हैं। अंत्योदय कार्ड को मिलाकर भी आंकड़ा 21 हजार से ऊपर नहीं जाता है। अब सवाल ये है कि इतनी संपन्नता के बावजूद ठेठ देहाती परिवेश में रचा बसा यह जनपद विकास के मामले में सबसे फिसड्डी क्यों बना हुआ है?

फिर भी तरक्की में फिसड्डी
इतनी संपन्नता के बावजूद बागपत जिला विकास के मामले में सबसे फिसड्डी है। यहां जिला मुख्यालय पर न बस अड्डा है, न सिनेमा हॉल, न स्टेडियम और न ही पार्क। इसे जनपद बने 15 साल हो चुके हैं, फिर भी जिला अस्पताल और ब्लड बैंक जैसी सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।  

बागपत की डीएम अमृता सोनी ने बताया कि बीपीएल सर्वे मानकों के आधार पर होता है। इसके अलावा जिले की जनसंख्या भी देखी जाती है। दोनों आधार पर बागपत में बीपीएल कम ही पाए गए। वहीं, डीएसओ विजया पांडे का कहना है कि बीपीएल परिवारों की संख्या ब्लॉक स्तर पर सर्वे कराके तय की जाती है। बागपत में गरीब परिवार कम ही मिले। इसलिए यहां बीपीएल कार्ड कम हैं।
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यूनिसेफ की किताब में जारी किए गए आंकड़े

जनपद        बीपीएल परिवार
बागपत        6.66 प्रतिशत
मेरठ          8.38 प्रतिशत
मुजफ्फरनगर   11.68 प्रतिशत
सहारनपुर      24.56 प्रतिशत
बिजनौर       23.67 प्रतिशत
गाजियाबाद    7.12 प्रतिशत
गौतमबुद्धनगर  19.0 प्रतिशत
बुलंदशहर     10.34 प्रतिशत
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