पीलीभीत के टाइगर रिजर्व क्षेत्र की माला रेंज स्थित माला कॉलोनी में एक ग्रामीण के घर में घुसे तेंदुए ने उसकी मां पर हमला कर घायल कर दिया। घर के लोगों ने किवाड़ों में कुंडा लगाकर कमरे में तेंदुए को बंद कर दिया। बाद में पहुंची वन विभाग की टीम ने उसे पिंजरे में कैद किया।
पिंजरे में कैद तेंदुए ने डीएफओ और एक वन वाचर पर भी हमले का प्रयास किया। आक्रोशित ग्रामीण तेंदुए पर हमले का प्रयास करना चाहते थे, लेकिन डीएफओ व एसपी ने उन्हें समझा बुझाकर पिंजरे में कैद तेंदुए को सुरक्षित निकाल माला रेंज गेस्ट हाउस ले गए।
शनिवार को सुबह 10:30 बजे अनिल पोद्रार की 70 वर्षीय मां प्रियबाला पोद्रार खाना खाने के बाद कमरे में पान खाने गई थीं। वह वहां पड़े तख्त पर पैर नीचे लटकाकर बैठकर पान लगाने लगीं। इसी बीच उनके बाएं पैर पर तेंदुए ने पंजा मार दिया। जिससे वह घायल हो गईं।
तख्त के नीचे देखा तो उसके होश उड़ गए। घर में तेंदुआ घुसने की बात कहते हुए वह घर के बाहर शोर मचाते हुए भागीं। इस पर परिवार के लोग कमरे की दौड़ पड़े। इसी बीच महिला कमरे से बाहर निकल आई और उसके पुत्र ने बाहर से किवाड़ों में कुंडा लगाकर तेंदुए को कमरे में बंद कर दिया।
पिंजरे के अंदर से भी तेंदुए ने किया हमले का प्रयास
इसके बाद कालोनी के तमाम लोग घर के बाहर लाठी, डंडे लेकर जमा हो गए। मामले की सूचना वन विभाग को दी गई। सूचना पाकर डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसपी जेके शाही, व प्रभारी डीएम/एडीएम एके सैनी के साथ ही बरखेड़ा विधायक हेमराज वर्मा मौके पर पहुंच गए।
इस बीच सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लेकर मौके पर पहुंच गई। गेट खोलकर पिंजरे को टीम ने कमरे के दरवाजे पर लगा दिया। कमरे की खिड़की आदि से शोर मचाया गया तो डराने के लिए पीछे की दीवार पर डंडा आदि मारा गया। किसी तरह पांच घंटे बाद तीन बजे तेंदुआ कमरे से बाहर आया और लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया।
इस बीच पिंजरे के पास मौजूद डीएफओ और एक वन वाचर पर पिंजरे के अंदर से तेंदुए ने हमले का प्रयास किया। पंजा लगने से डीएफओ और वन वाचर की शर्ट फट गई, शरीर पर मामूली खरोंच भी आई। ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन से तेंदुआ लगातार कॉलोनी में देखा जा रहा था। वह कई बतखें व मुर्गियां खा चुका था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना भी वन विभाग को दी थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
तेंदुए के पंजे में भी लगी है चोट
पकड़े गए तेंदुए के पीछे का बायां पंजा घायल है। उससे खून रिस रहा था। उसे किस तरह चोट लगी, इस पर वन विभाग और इलाके के लोगों का नजरिया अलग अलग है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में कांटा लगाकर तेंदुए के शिकार करने के प्रयास से ऐसा हुआ होगा। जबकि डीएफओ का कहना है कि तेंदुए के पंजे में चोट रेलवे लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से लगने का अनुमान है।
पकड़े गए तेंदुए के पैर में चोट होने पर डीएफओ के निर्देश पर पशु चिकित्सकों की टीम माला गेस्ट पहुंच गई। डीएफओ ने बताया कि चिकित्सकों की टीम तेंदुए का उपचार कर रही है। चिकित्सकों की सलाह पर ही अगला निर्णय लिया जाएगा।