पीलीभीत में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पर यहां एक अधिवक्ता ने बंधक बनाकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वकील ने सपा नेताओं के साथ एसपी से मुलाकात कर रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच सीओ सिटी सुवेग सिंह सिद्धू को सौंपी है। दूसरी तरफ मेनका गांधी ने आरोपों को निराधार और झूठा बताते हुए कहा है कि यह उनको बदनाम करने की राजनीति का हिस्सा है।
शहर से सटे गांव नौगवां पकड़िया निवासी एवं सपा अधिवक्ता सभा के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया कि गुरुवार की सुबह वह अपने कैंप कार्यालय पर बैठे थे। इसी बीच चार अज्ञात लोग बाइक से आए और कहा कि उन्हें मेनका गांधी ने बुलाया है। व्रत के चलते उन्होंने पूजा कर स्वयं आने की बात कही लेकिन वहां आए लोगों ने उन्हें जबरिया अपनी बाइक पर बैठा लिया। परिवार वालों के विरोध पर उनसे भी धक्का मुक्की की। चारों युवक उन्हें लेकर शंकर साल्वेंट पहुंचे।
आरोप है कि वहां पहले से ही मौजूद मेनका गांधी ने उन्हें कमरे में बंद करवाने के बाद उनके साथ यह कहते हुए मारपीट की कि वह उनका विरोध करता है। अपशब्द भी कहे। किसी तरह वहां से भाग कर जान बचाई। अधिवक्ता की सूचना पर सपा विधायक हेमराज वर्मा, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, सपा अधिवक्ता सभा के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह तोमर, नरेंद्र मिश्रा कट्टर धमेंद्र को लेकर एसपी आवास पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। एसपी ने सीओ सिटी को तलब कर उनको 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट देने को कहा। एसपी सोनिया सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।