भारत विरोधी बयान देने के मामले में इलाहाबाद की जिला अदालत में एक अधिवक्ता ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के खिलाफ परिवाद दाखिल किया है। उन पर मानहानि का मुकदमा चलाने की मांग की गई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट नीलिमा सिंह ने परिवाद को रजिस्टर में दर्ज कर वादी के बयान हेतु 18 फरवरी की तिथि नियत की है।
अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्र द्वारा दाखिल परिवाद पर उनका पक्ष रख रहे वकील अम्बिकेश्वर मिश्र का कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चार फरवरी को ‘नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट’ में एक बयान में कहा कि भारत के भीतर धार्मिक असहिष्णुता की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
इससे उसके धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को क्षति पहुंच रही है। परिवाद में कहा गया कि आस्ट्रेलिया में लोगों को ईसाई बनाने के लिए कानून है। सद्दाम हुसैन को दफनाया नहीं जाता है और शाहरुख खान के कपड़े इसलिए उतरवाए जाते हैं क्योंकि वह मुस्लिम हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति इन मामलों पर कुछ नहीं बोलते हैं। उल्टे भारत के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप पर बयान देकर उन्होंने करोड़ों भारतीयों की मानहानि की है। परिवाद में बराक ओबामा पर मानहानि का मामला चलाने की मांग की गई है।