मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल व्यापमं घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ मंगलवार को राज्यपाल राम नरेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सकती है। राज्यपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। घोटाले की जांच के लिए गठित एसआईटी के प्रमुख जस्टिस चंद्रेश भूषण ने भी इसे स्पष्ट कर दिया।
एसआईटी और एसटीएफ की संयुक्त बैठक के बाद उन्होंने यहां पत्रकारों के सवाल पर कहा, राज्यपाल सहित किसी भी विशिष्ट व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में कोई बाधा नहीं है। बता दें कि हाईकोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद एसआईटी प्रमुख ने दोनों जांच एजेंसियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी।
इसमें आगे के एक्शन प्लान पर चर्चा की गई। सूत्रों ने बताया कि एसटीएफ के जांच अधिकारी डीएस बघेल सोमवार को अवकाश पर थे। मंगलवार को काम पर लौटने पर संभवत: वह राज्यपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करेंगे।
यदि राम नरेश यादव अपने पद पर बने रहते हैं तो मध्य प्रदेश के इतिहास का यह पहला मामला होगा कि भ्रष्टाचार को लेकर किसी राज्यपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। इस बीच, सूबे के नए राज्यपाल के नाम को लेकर अटकलें भी शुरू हो गई हैं। इस मामले में जिस तेजी के साथ राजनीतिक घटनाक्रम बदल रहा है, उससे सियासी प्रेक्षक भी हैरान हैं।