बॉलीवुड फिल्म 'मद्रास कैफे' के विरोध कर रहे तमिल समर्थित राजनीतिक संगठनों के साथ कुछ कानून के छात्र भी उतर आए हैं। चेन्नई के सिटी लॉ कॉलेज के छात्रों ने बुधवार को फिल्म का विरोध जताया।
'मद्रास कैफे' 23 अगस्त को रिलीज हो रही है। विरोध प्रदर्शन के बाद छात्रों ने पुलिस को शिकायत पत्र सौंपा। शिकायत में कहा गया है कि फिल्म में लिट्टे संगठन को गलत तरीके पेश किया गया है।
एमडीएके प्रमुख वाइको के अलावा प्रमुख तमिल नेताओं ने भी फिल्म पर बैन लगाने की मांग की है। फिल्म में जॉन अब्राहम को श्रीलंका में तैनात सीक्रेट एजेंट की भूमिका में दिखाया गया है।
'मद्रास कैफे' का बैकग्राउंड 80 व 90 के दशक का है जिस वक्त वहां सरकार और लिट्टे के बीच गृहयुद्ध चल रहा था। विरोध कर रहे संगठनों के लिए बीते रविवार को फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग भी की गई थी, जिसके बाद विरोध और बढ़ गया।
इस बीच अभिनेता जॉन अब्राहम ने किसी भी सीन को हटाने की बात से इंकार करते हुए कहा कि, जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म को पास कर दिया है तो फिर किसी को क्या परेशानी हो रही है।