गुजरात में पटेल आरक्षण आंदोलन के बाद हुई हिंसा में जिन आठ लोगों की मौत हुई, उनमें से एक थे अहमदाबाद के नीलेश भाई पटेल। दो दिन बाद मैं जब उनके घर गया तो वहां मातम छाया हुआ था। उनकी दो बेटियों में से एक 22 वर्षीय वैदेही पटेल काफी नाराज़ थीं। पुलिस से, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से।
पुलिस से इसलिए क्योंकि परिवार के अनुसार नीलेश की मौत पुलिस की लाठी से लगी चोट के कारण हुई। परिवार वालों के अनुसार उनके सर पर गहरी चोट आई थी। नरेंद्र मोदी से वैदेही के नाराज़ होने की वजह ये थी कि वो इसी राज्य के हैं और उन्होंने 'बेटी बचाओ अभियान' चला रखा है। वैदेही कहती हैं, "मैं पीएम मोदी से मिलना चाहती हूँ", पूछना चाहती हूं कि अब उनका और छोटी बहन पूजा का क्या होगा?
वैदेही ने हाल में एमबीए की पढ़ाई पूरी की है लेकिन अभी नौकरी नहीं मिली है। वैदेही कहती हैं, "हम भी तो बेटी हैं। हमारा अब क्या होगा। मेरे पापा घर में कमाने वाले अकेले व्यक्ति थे।" उनकी बहन पूजा कहती हैं कि मंगलवार रात उनके पापा दुकान से घर के लिए निकले लेकिन घर नहीं पहुंच पाए। घर के क़रीब एक सड़क पर वो पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हो रही झड़प की लपेट में आ गए।