गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के पक्ष में सामने आ रही अलग अलग आवाजों से कांग्रेस सकते में है। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की मोदी के तारीफों को पार्टी ने पहले तो अनसुना करना ही अपनी बेहतरी समझी।
मगर मीडिया की सुर्खियों में यह मुद्दा जोरों से उछलने के बाद पार्टी अपनी निराशा ज्यादा देर तक रोक नहीं सकी। पार्टी को कहना पड़ा कि बेदर्द आदमी की तारीफ सुनकर दर्द होता है।
वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने लता को राजनीति से दूर रहने की नसीहत तक भी दे डाली। इससे पहले पूर्व पुलिस अधिकारी केपीएस गिल के मोदी को गुजरात दंगों को लेकर क्लीन चिट देने से भी कांग्रेस असहज महसूस कर रही है।
चुनाव के वक्त इस तरह के सुरों से पार्टी बेचैन है। कुछ दिनों के भीतर पांच राज्यों में चुनाव होने वाले है। ऐसे में देशभर में मोदी के समर्थन में उठ रही इन आवाजों के असर को लेकर पार्टी चिंतित है।
खासकर लता मंगेशकर की मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की अपील से पार्टी ज्यादा खफा है। शुक्रवार को लता ने एक कार्यक्रम के दौरान मोदी की तारीफ की। इस कार्यक्रम में मोदी भी मौजूद थे। इसे लेकर कांग्रेस ने कुछ भी कहने से इंकार किया।
उस समय पार्टी प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा था कि उनका राजनीति से कोई मतलब नहीं है। यह एक दूसरे की तारीफ करने का तरीका भर है। मगर शनिवार को जब मामला तूल पकड़ने लगा और मोदी के पक्ष में माहौल बनते देख कांग्रेस की ओर से जवाब देने की रणनीति बनी।
पार्टी प्रवक्ता भक्त चरण दास ने कहा कि लता मंगेशकर ने गलत किया। एक बेदर्द आदमी की तारीफ सुनकर दर्द होता है। वहीं राजीव शुक्ला ने तो मंगेशकर को राजनीति से दूर रहने की नसीहत दी। उधर, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह अपने विचार व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र है।