उत्तर प्रदेश में सुल्तानपुर से आज़मगढ़ जाने वाले राजमार्ग पर कादीपुर विधानसभा क्षेत्र पड़ता है। इसी कादीपुर में करीब चार किलोमीटर भीतर जाने पर एक छोटा सा गांव आता है जिसमें करीब 35 परिवार रहते हैं।
इन्हीं में से एक परिवार अशोक कुमार (नाम बदला हुआ) का भी है। परिवार में सात सदस्य हैं जिनमें किराने की दुकान चलाने वाले उनके पिता भी हैं। अशोक ने 2013 में 12वीं पास की और उसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई करने की ठानी।
लैपटॉप मिलने पर भी नहीं हुई खुशी
उनके मुताबिक़ पिता ने उनकी पढ़ाई का पूरा समर्थन किया है और उनके घर में एक निजी लैपटॉप भी है। दिसंबर 2013 में अशोक के गांव स्थित स्कूल में प्रदेश सरकार की तरफ से मुफ़्त लैपटॉप वितरण शुरू हुआ।
उत्साहित अशोक जब अपना लैपटॉप घर लेकर आए तो उनकी ख़ुशी एकाएक कम हो गई। उनको एहसास हुआ कि इसमें न तो वे नए सॉफ्टवेयर डाल सकते हैं न ही उसमे कुछ नया लोड कर सकते हैं।
'ज़्यादातर ने बेच दिया'
अशोक इसी शर्त पर बात करने को राज़ी हुए कि हम उनकी पहचान गुप्त रखेंगे। उन्होंने कहा, "हमारे स्कूल के 12 बच्चों को लैपटॉप मिला था, जिसमें से 10 उसे बेच चुके हैं। दो बच गए हैं लेकिन अभी बेचने की हिम्मत जुटा रहे हैं।"
वैसे अशोक को इस बात का बिल्कुल भी मलाल नहीं है कि उन्होंने मुफ़्त मिले लैपटॉप को मात्र 5,000 रूपए में एक दूसरे गांव के शख्स को मात्र दो महीने के भीतर ही बेच दिया।
अंदाजा नहीं था कीमत का
पूछे जाने पर कि क्या उन्हें इस बात का अहसास है कि इसे बेच कर उन्होंने क़ानून का उल्लंघन किया है, अशोक ने कहा, "बिलकुल है, लेकिन फिर से मुफ़्त मिला और ऐसी ही 'क्वालिटी' का रहा तो फिर से बेच देंगे।"
उन्होंने बताया, "हमें इस बात का आभास भी नहीं था कि वो लैपटॉप 35,000 रुपए की क़ीमत का था। फिर भी अगर दोबारा मिला तो ले लेंगे और बेच देंगे। वैसे भी उस तरह का लैपटॉप हमारे किसी काम का नहीं था।"
फीस चुकाने के लिए बेचा लैपटॉप
कादीपुर में अशोक से मिलने के पहले मेरी मुलाक़ात एक ऐसे युवा से हो चुकी थी जिसने अपना लैपटॉप कॉलेज की फ़ीस चुकाने के लिए बेच दिया था।
लेकिन अशोक से मिलने के बाद इस बात का भी अहसास हो चला कि कई ऐसे भी हैं जिन्हें दरअसल इतने महंगे चुनावी तोहफ़े की ज़रूरत ही नहीं थी।
लगभग पांच हज़ार करोड़ की लागत वाले एक ऐसे चुनावी वादे से अगर कुछ का भला हो रहा है तो कुछ उसका भरपूर फ़ायदा भी उठा रहे हैं।
एक और चुनावी वादे का इंतजार
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार लगातार इस बात का दम भरती रही है कि (लैपटॉप बेच कर) क़ानून का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन उसी सरकार की नाक के नीचे कई ऐसे भी हैं जो लैपटॉप बेच कर पैसा अपने ऊपर ख़र्च कर चुके हैं और किसी दूसरे चुनावी वादे का इंतज़ार भी कर रहे हैं।
इस विशेष श्रृंखला की अगली कड़ी में पढ़िए एक ऐसे व्यक्ति की कहानी जो इस लैपटॉप से पैसे भी कमा रहे हैं।