केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल संसद के शीतकालीन सत्र में आएगा और केंद्र राज्यों पर इसे लादेगा नहीं। अगर वे अधिक मुआवजा दे सकते हैं तो वे इसके लिए स्वतंत्र होंगे। रमेश ने भूमि अधिग्रहण विधेयक के बारे में मंत्री समूह के अध्यक्ष कृषि मंत्रि शरद पवार से चर्चा करने के बाद यह बात कही।
रमेश के अनुसार मंत्रियों के समूह द्वारा भूमि अधिग्रहण विधेयक मंजूर किए जाने के बाद बृहस्पतिवार को कृषि मंत्रि शरद पवार से उनकी बातचीत हुई। पवार से बातचीत में विधेयक के मसौदे को अंतिम रूप दिया गया और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद उसे 21 नवंबर से शुरू होने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम सभा की गारंटी के बाद ही जमीन अधिग्रहीत की जाएगी और इस मुद्दे पर मंत्रियों के समूह पर भी बहस हुई जबकि 1996 के कानून में ग्रामसभा सलाह मशविरे की बात कही गई थी, मंजूरी की नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई निजी भूमि खरीदी जाती है तो इस विधेयक के तहत पुनर्वास का नियम उस पर भी लागू होगा।