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जानिए लालू का स्वीमिंग पूल कनेक्शन, उड़ जाएंगे होश

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इंसान जब तैरने या डूबने के हालात में पहुंच जाए, तो स्वीमिंग पूल को कीचड़ से भरना एक अजीबोगरीब उपाय लग सकता है। लेकिन यह सियासत है। और सियासत क्या-क्या नहीं कराती।
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चुनाव करीब हैं और दल-बदलने का मौसम भी यही है। ऐसे में अपने-अपने कुनबे को बचाने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है। बिहार में दल-बदलने के उदाहरण कुछ ज्यादा दिखते हैं, ऐसे में वहां के नेताओं को अपनी तरफ से ज्यादा कोशिश करनी पड़ रही है।

लालू यादव इन दिनों अपना कुनबा बचाने और नेताओं के पर बांधने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। हाल में उनके 'हनुमान' रामकृपाल यादव भाजपा में शामिल हुए हैं, ऐसे में अब वो कोई और गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहते।
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वास्तु जानकार ने निकाला स्वीमिंग पूल में दोष

एक वास्तु जानकार ने रामकृपाल के पाला बदलने के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को अपने स्वीमिंग पूल में कीचड़ भरने की सलाह दी है। जाहिर है, यह खबर चौंकाएगी, लेकिन सच है।

लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी के 10, सर्कुलर रोड बंगले के बीचोंबीच स्थित यह पूल खालीपन दिखा रहा था और पार्टी से भागने वाले लोगों का अक्स इसमें दिख रहा था। इसमें नेगेटिव एनर्जी बताई गई।

रविवार से इसका काम शुरू हुआ। और 2006 में बना यह पूल जल्द ही कीचड़ और कूड़े से भर गया। जब यादव परिवार 2005 के विधानसभा चुनावों में हार के बाद बंगले में शिफ्ट हुआ था, यह पूल तभी बनवाया गया था।

और बदलाव होंगे लालू के मकान में

आने वाले वक्‍त में लालू यादव के यहां और भी बदलाव हो सकते हैं। मेहमानों और समर्थकों के लिए बैठने के इंतजाम में भी फेरबदल किया जा सकता है। और जहां से आरजेडी प्रमुख लोगों को संबोधित करते हैं, वो जगह भी बदली जा सकती है।

हालांकि लालू यादव का परिवार इसे लेकर संशय रखता है, लेकिन संकट के वक्‍त में उनके साथ खड़ा है। उनके बेटे और उत्तराधिकारी तेजस्वी ने कहा, "किसी ने मेरे पिता को इसकी सलाह दी थी, इसलिए हमें ऐसा करवा रहे हैं।"

प‌ाटलिपुत्र सीट पर रामकृपाल का सामना करने जा रही लालू की बेटी मीसा ने कहा, "मैं भगवान में यकीन रखती हूं, लेकिन वास्तु शास्‍त्र में नहीं।" बीते कुछ साल के दौरान जो उठापटक लालू ने देखी है, इसके बावजूद ज्योतिष में उनका विश्वास कम नहीं हुआ है।
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मंदिरों में दुआ मांगी, लेकिन फायदा नहीं

पिछले साल लालू यादव ने शिरडी के साईं मंदिर, नासिक ज्योतिर्लिंग, शनि शिंगापुर में शनि मंदिर और बिहार में हरिहरनाथ क्षेत्र एवं थावे मंदिर में माथा टेका था। यह सारी कोशिश चारा घोटाले में बचाव की दुआ मांगने के लिए भी की गई।

पिछले साल अगस्त में वो पगला बाबा के यहां भी गए थे। लेकिन इन तमाम प्रयासों के बावजूद कामयाबी नहीं मिली। आरजेडी नेताओं का यह भी मानना है कि उनका कामकाज का तरीका सियासी गिरावट दिखा रहा है।

वो शायद यह भूल गए हैं कि यह स्वीमिंग पूल राबड़ी देवी की छठ पूजा के लिए बनाया गया था और इसे भरवाकर वह सूर्य भगवान को नाराज कर सकते हैं, जिनकी पूजा राबड़ी हर साल करती हैं।
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