आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी का नया खुलासा कांग्रेस आलाकमान की मुश्किलें बढ़ा सकता है।
पिछले कई दिनों से अपने बयानों से भाजपा और कांग्रेस नेताओं को परेशान कर रहे मोदी ने शुक्रवार को किए ट्वीट में कहा है कि लंदन में गांधी परिवार से मिलकर उन्हें खुशी होगी। लंदन के एक रेस्टोरेंट में प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा से मैं अलग-अलग मिल चुका हूं।
मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, 'वे टिम सरना के साथ थे। उनके पास मेरा नंबर है। वे मुझे फोन कर सकते हैं। उन्हें बताऊंगा कि मैं उनके बारे में क्या सोचता हूं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इन दिनों विदेश यात्रा पर हैं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी 20 जून को विदेश रवाना हुए थे, जबकि राहुल गांधी बाद में विदेश गए।
वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाल ने कहा है कि सोनिया गांधी निजी यात्रा पर हैं। मोदी के ट्वीट के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी भी ललित मोदी से मिल चुकी हैं।
गांधी परिवार के बचाव में ये बोले सुरजेवाला
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा ने कभी भी ललित मोदी सामाजिक स्तर पर संपर्क नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि आप किसी रेस्टोरेंट के बहुत सारे लोगों के बीच किसी व्यक्ति से मिलते हैं, तो उस में कोई अपराध भी नहीं है, और ये नैतिक रूप से भी गलत नहीं है।
सुरजेवाला ने कहा कि ये केवल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने हमारा निवेदन है कि जो वास्तविक मुद्दे हैं, उनका जवाब दें। ललित मोदी के पीठ के पीछे छिपकर झूठा प्रचार करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी वास्तविक तथ्यों को जवाब दें।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रियंका और राबर्ट वाड्रा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी की सिफारिश नहीं की है और न हीं किसी के मदद के लिए दस्तखत किए हैं। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि गांधी परिवार ललित मोदी के संपर्क में क्यों है, इसका जवाब दे।
वसुंधरा ने माना, किए थे दस्तावेज पर दस्तखत
सूत्रों का कहना है कि राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने माना है कि उन्होंने शपथ पत्र पर दस्तखत किए थे। वहीं, वसुंधरा के हस्ताक्षर का शपथपत्र मिलने के बाद कांग्रेस ललित मोदी विवाद पर केंद्र सरकार के खिलाफ ज्यादा हमलावर दिख रही है। मोदी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने के लिए पार्टी इस शपथपत्र को सियासी बारूद मानकर चल रही है।
पार्टी ने इस विवाद में उच्च नैतिकता का पालन करने की तैयारी करते हुए मामले में किसी कांग्रेस नेता का नाम आने के बाद नरमी न बरतने का भी संकेत दिया है।
राहुल ने पार्टी नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे ललित मोदी विवाद में मोदी सरकार को घेरने में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ें। इसका असर होता दिख रहा है। सोनिया, राहुल और प्रियंका के विदेश में रहने के बावजूद भी कांग्रेस के दूसरे दर्जे के नेताओं ने ही मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरकर आक्रमण को धार दे रखी है।