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आखिरकार कोपभवन से बाहर निकले आडवाणी

Thu, 27 Jun 2013 12:25 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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नरेंद्र मोदी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंपे जाने से रूठे भाजपा के ‘भीष्म पितामह’ लालकृष्ण आडवाणी अब कोपभवन से बाहर निकल आए हैं।
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आडवाणी ने बुधवार को चुनाव सुधार पर पार्टी नेताओं के साथ लगभग तीन घंटे तक बैठक की और महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

भाजपा लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के पक्ष में है। चुनाव सुधार पर पार्टी अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुनाव आयोग और सरकार को सौंपेगी।

आडवाणी हालांकि पिछले दिनों जदयू के साथ गठबंधन बचाने के लिए भी सक्रिय हुए थे, लेकिन पार्टी में माना जाता रहा है कि वे कोपभवन में ही हैं।

चुनाव सुधार पर गठित समिति की यह बैठक आडवाणी के मार्गदर्शन में उनके आवास पर ही हुई। इसमें चुनावों में धनबल के बढ़ते इस्तेमाल से निजात पाने के लिए सरकारी तौर पर वित्तीय मदद का इंतजाम करने समेत विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया।

समिति के संयोजक व पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भाजपा चाहती है कि लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हों। इससे देश का पैसा भी बचेगा।
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दरअसल, भाजपा में यह सुझाव आडवाणी का ही है और वे कई बार संसद में भी यह मांग करते रहे हैं। बैठक में चुनावों में काले धन तथा बढ़ते अपराधीकरण की समस्या से निजात पाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
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समिति लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद चुनाव क्षेत्रों में आए सामाजिक, भौगोलिक और राजनीतिक बदलाव का आकलन भी करेगी।

चुनाव सुधार के सभी पहलुओं पर विचार मंथन के बाद अगले एक-डेढ़ महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इस समिति का गठन किया था।

बैठक में आडवाणी और नकवी के साथ ही थावर चंद गहलोत, एसएस आहलूवालिया, सत्यपाल जैन, रामकृष्ण, जीवी नरसिम्हन आदि शामिल हुए।
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