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अमिताभ बच्चन की तरह हैं आडवाणी: गडकरी

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केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नितिन गडकरी का कहना है कि पार्टी के बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी देश के राष्ट्रपति होने के लायक हैं और यही पद उनके कद के अनुरूप है।
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एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि आडवाणी जी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया जाना सही नहीं होता क्योंकि वह पहले ही देश के उपप्रधानमंत्री रह चुके हैं। वह देश के राष्ट्रपति पद के योग्य हैं।
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'आडवाणी के कद के अनुरूप पद'

हम सब आडवाणी जी का सम्मान करते हैं और हम चाहते हैं कि उन्हें उनके कद के अनुरूप पद मिलना चाहिए।

पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 75 साल से अधिक उम्र के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने का फैसला सर्वसम्मति से लिया था।

इसी के चलते पार्टी के वरिष्ठ नेता आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को मोदी सरकार में जगह नहीं मिल सकी।

अम‌िताभ से की तुलना

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तुलना बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से करते हुए गडकरी ने कहा कि नए लोगों के लिए जगह बनाने के लिए उन्होंने अब से 10 साल पहले लीड रोल करने छोड़ दिए थे।

साथ ही उन्होंने उन मीडिया अटकलों को भी खारिज किया कि जोशी योजना आयोग के उपाध्यक्ष बनना चाहते हैं। गडकरी ने कहा कि जोशी जी हमारे थिंकटैंक हैं और वरिष्ठ नेता हैं। हमारी उनके ज्ञान और व्यापक अनुभव का जरूर इस्तेमाल करेगी।

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'मंत्री प्रधानमंत्री से डरे हुए नहीं हैं'

भाजपा नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के काम करने के तरीके की भी सराहना की और कहा कि वह सभी मंत्रियों के विचार सुनते हैं और उसमें से कुछ को स्वीकार भी करते हैं लेकिन उनकी खुद की मुद्दों और विभागों के बारे में एक समझ है।

उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है कि मंत्री प्रधानमंत्री से डरे हुए हैं। यह मुद्दा छवि बनाम हकीकत और जमीनी सच्चाई बनाम अनुमान का है। प्रधानमंत्री हर मुद्दे तक पहुंच जाते हैं। इसी वजह से विभाग के सचिव उनसे डरे रहते हैं।

आगामी बजट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार धन की कमी से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि जब भी मैं जेटली जी के पास जाता हूं और उनसे अपने मंत्रालयों के लिए अधिक राशि मांगता हूं तो वह कहते हैं कि मौजूदा योजनाओं के लिए भी सरकार के पास धन का अभाव है। स्वाभाविक तौर पर अर्थव्यवस्था को कड़वी दवा की जरूरत है. क्योंकि कड़वे घूंट से ही स्वास्थ्य सुधर सकता है।
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