ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार शाम दर्शन करने आई महिला और मंदिर के गेट पर सुरक्षा में लगे गार्ड के बीच विवाद हो गया। महिला को रोकने और बच्चे को धक्का देने से नाराज महिला श्रद्धालु ने गार्ड को थप्पड़ जड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। मंदिर प्रबंधन ने मामले में जांच बैठा दी है।
शनिवारशाम करीब 8:05 बजे दिल्ली के श्रद्धालुओं का दल बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन करने आया था। इन्हीं में से कुछ महिला श्रद्धालु बच्चों के साथ मंदिर के गेट नंबर एक से प्रवेश करने का प्रयास करने लगीं।
मंदिर के निजी सुरक्षागार्ड शिवानंद तिवारी ने महिलाओं को गेट से प्रवेश करने पर रोकते हुए गेट नंबर दो से जाने के लिए कहा। भीड़ अधिक होने के कारण महिलाएं उनकी यह बात नहीं समझ सकीं और अंदर जाने लगीं।
सीसीटीवी के आधार पर जांच शुरू
इस पर गार्ड ने महिलाओं के साथ आए बच्चे को धकिया दिया। इससे महिला श्रद्धालुओं और गार्ड के बीच विवाद हो गया। बताया गया कि विवाद बढ़ने पर महिला ने गार्ड के थप्पड़ जड़ दिया।
सूचना पर मंदिर की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी पहुंचे और मामला शांत कराया। इधर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंधन ने मंदिर के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार जांच शुरू कर दी है। बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने कहा कि मामले में गार्ड की भूमिका की जांच की जा रही है।
मंदिर की रैलिंग से लोगों को लगा करंट
बांकेबिहारी मंदिर परिसर में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब गेट नंबर दो पर लगीं पत्थर और लोहे की रैलिंग से श्रद्धालुओं को करंट लग गया। इससे लोगों में दहशत फैल गई। भीड़ को काबू करने में मंदिर के निजी सुरक्षागार्ड और पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर प्रबंधन ने इसे अफवाह बताते हुए मंदिर को बदनाम करने की साजिश बताया है।
बताया गया है कि शनिवार शाम करीब 8:25 बजे मंदिर में भीड़ का दबाव बढ़ रहा था। तभी गेट नंबर दो के पास सीढ़ियों के पास से गुजर रहे श्रद्धालुओं को पत्थर की रैलिंग में अचानक करंट लगा। इससे लोगों में दहशत फैल गई और वे चबूतरे की ओर भागने लगे।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि रैलिंग के पास से भूमिगत विद्युत तार गुजर रहे हैं। इससे पूर्व में भी कई बार करंट आने का अहसास हो चुका है। बांकेबिहारी मंदिर में मौजूद प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने कहा कि उन्हें करंट फैलने की कोई सूचना नहीं है। यह कुछ लोगों द्वारा मंदिर को बदनाम करने की साजिश है।