महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ ने कहा है कि बलात्कार के मामले में कानून में संशोधन कर इसमें मौत की सजा का प्रावधान करना चाहिए। उनकी राय में रासायनिक प्रक्रिया से दुष्कर्म के दोषियों को नपुंसक बनाने का सुझाव व्यावहारिक नहीं है।
शुक्रवार को महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की बैठक में तीरथ ने गृह मंत्रालय से महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए सख्त कानून बनाने की बात कही। उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धारा 354 के तहत अपराधों को गैर जमानती बनाने का सुझाव भी दिया है। बैठक में तीरथ ने कहा कि छेड़छाड़ और छींटाकशी की घटनाओं को सामान्य व्यवहार के रूप में नहीं देखना चाहिए बल्कि इनसे कड़ाई से निपटना चाहिए।
तीरथ ने कहा कि बलात्कार के मामले में सजा को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया आ रही है। इसमें दोषी को रासायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाने से लेकर मौत की सजा तक के सुझाव दिए जा रहे हैं। लेकिन कानून में संशोधन कर मौत की सजा का प्रावधान जोड़ दिया जाता है तो बलात्कार के मामलों में कमी आ सकती है।
तीरथ ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित सामान्य जीवन नहीं जी पाती है। इसलिए अपराधियों में खौफ बढ़ाने के लिए मौत की सजा का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े कानूनों की लगातार समीक्षा होनी चाहिए। लैंगिक समानता को लेकर सभी स्तर पर जागरुकता बढ़ाना भी जरूरी है। तीरथ ने राज्यों के मुख्य सचिवों से सार्वजनिक स्थलों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने का आग्रह भी किया।