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तैयार हो रहा है कोली की फांसी के लिए फंदा

Fri, 05 Sep 2014 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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निठारी के नरपिशाच सुरेंद्र कोली को 12 सितंबर को मेरठ जेल में फांसी देने के कयासों के बीच बृहस्पतिवार को जल्लाद जेल पहुंचा और फांसीघर का निरीक्षण किया।
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डीआईजी जेल एके पंडा और वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने बताया कि कोली को फांसी देने के संबंध में अभी आधिकारिक आदेश नहीं मिले हैं, लेकिन हमारी तैयारी पूरी है।

निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली का डेथ वारंट जारी होने के बाद से उसे फांसी पर लटकाने की अटकलें तेज हो गई हैं।

जिला जेल के अधिकृत जल्लाद पवन सिंह ने दोपहर के समय फांसीघर का निरीक्षण किया। उसने नट बोल्ट के साथ ही लीवर चेक किया। आसपास उगी घास हटवाने को कहा। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने जल्लाद से किसी भी कमी को जल्द दूर करने को कहा है।
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दोनों की पहली फांसी

कांशीराम कॉलोनी निवासी पवन पहली बार फांसी देगा। पवन का कहना है कि 1987 से वह अपने दादा कल्लू सिंह और पिता मम्मू सिंह के साथ फांसी देने के दौरान साथ रहता था।

दिल्ली, जयपुर, आगरा, इलाहाबाद, पटियाला में साथ रहने के दौरान उसने इस खानदानी पेशे से जुड़ने का फैसला किया। पिता मम्मू जल्लाद की मौत के बाद पवन का जेल में जल्लाद के रूप में रजिस्ट्रेशन हुआ था। आधिकारिक रूप से जल्लाद बनने के बाद उसकी यह पहली फांसी होगी।

इसी तरह वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी का कहना है कि उनके सेवाकाल में भी यह पहली फांसी होगी। अभी तक की अपनी नौकरी में वह जिस जेल में भी तैनात रहे, वहां ऐसा कोई मौका नहीं आया कि किसी को फांसी दी गई हो।

'खुशी होगी फांसी देकर'
जल्लाद पवन का कहना है कि मेरे पिता की कसाब को फांसी देने की इच्छा दिल में ही रह गई थी। उनकी मौत के बाद मैं फांसी देना चाहता था। लेकिन तब मेरा रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ था। अब कोली जैसे नरपिशाच को फांसी दूंगा तो मुझे खुशी होगी।
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हाई सिक्योरिटी बैरक में किया गया कैद

निठारी का नर पिशाच सुरेंद्र कोली बृहस्पतिवार रात 8:25 बजे मेरठ की जिला जेल में दाखिल हुआ। उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। उसकी फांसी की तारीख 12 सितंबर बताई गई। लेकिन आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इससे पहले ही उसे फांसी पर लटकाया जा सकता है।

कोली को गाजियाबाद की डासना जेल से जब स्थानीय जेल लाया गया, तो हड़कंप मच गया। वज्र वाहन से कड़ी सुरक्षा में उतारते ही उसे बिना देरी के जेल में ले जाया गया।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी द्वारा कोली के रिकॉर्ड चेक करने के बाद उसे तुरंत हाई सिक्योरिटी बैरक में दाखिल कर दिया गया। उन्होंने आधिकारिक तौर पर बताया कि जेल के अस्पताल में कोली का मेडिकल चेकअप कराया गया।

मुख्यालय से कोली को फांसी देने की तिथि 12 सितंबर बताई गई है। इसे लेकर सारी तैयारियां की जा रही हैं।
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