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जानिए, कौन हैं राबर्ट वाड्रा और केजरीवाल?

Sat, 06 Oct 2012 07:52 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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रॉबर्ट वाड्रा के बारे में ज्यादातर लोग यही जानते हैं कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति हैं, लेकिन रॉबर्ट वाड्रा का परिचय सिर्फ इतना ही नहीं है। आईए जानते हैं राबर्ट वाड्रा के बारे में।
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1. रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गांधी की मुलाकात 1991 में दिल्ली में एक कॉमन फ्रेंड के घर पर हुई थी। बाद में दोनों की नज़दीकियां बढ़ीं और आखिरकार दोनों ने 18 फरवरी, 1997 को शादी कर ली।
2. रॉबर्ट वाड्रा एक बड़े कारोबारी है, जिनका कारोबार जगत में काफी नाम है।
3. राबर्ट वाड्रा का दरअसल हैंडीक्राफ्ट आइटम्स और कस्टम ज्वैलरी का कारोबार है। उनकी कंपनी का नाम है आर्टेक्स एक्सपोर्ट्स।
4. इसके अलावा रॉबर्ट वाड्रा बाइक्स और कारों के भी शौकीन हैं।
5. खबरों के मुताबिक, वाड्रा कई शानदार विदेशी कारों और बाइक्स के मालिक भी हैं।
6. बिजनेस के अलावा रॉबर्ट वाड्रा फिटनेस और फैशन में भी काफी दिलचस्पी रखते हैं।
7. 43 साल में रॉबर्ट वाड्रा को दिसंबर 2011 में एक अंग्रेजी अखबार ने बेस्ट ड्रेस्ड मैन का खिताब से नवाजा था।

...और ये हैं केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल का जन्म हरियाणा के हिसार में साल 1968 में हुआ था। सामाजिक क्षेत्र में आने से पहले अरविंद ने साल 1991 में आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की थी। 1992 में अरविंद ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के तहत भारतीय राजस्व सेवा में चुन लिए गए थे। उनकी पहली पोस्टिंग दिल्ली के आयकर आयुक्त कार्यालय में हुई थी। अरविंद केजरीवाल ने साल 2006 में अपनी नौकरी छोड़ दी और अरुणा रॉय समेत अन्य साथियों के साथ मिलकर सूचना अधिकार अधिनियम के लिए अभियान शुरु किया।
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अरविंद का ये अभियान जल्द ही एक आंदोलन बन गया और साल 2005 में भारतीय संसद ने सूचना अधिकार अधिनियम यानी आरटीआई को पारित कर दिया। समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें साल 2006 का रेमन मैगसेसे पुरस्कार भी दिया गया था। साल 2011 में अरविंद केजरीवाल समाजसेवी अन्ना हज़ारे के साथ हो लिए और दोनों ने जनलोकपाल विधेयक लाने के लिए एक साथ काम करना शुरु किया, लेकिन 2012 के सितंबर में दोनों के रास्ते अलग हो गए।

प्रशासन को सुबूत सौंपे केजरीवाल : सोनी
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि केजरीवाल ने एक राजनीतिक दल बनाया है और वह दिल्ली में चुनाव लड़ना चाहते हैं। अपनी छवि निखारने के लिए वह बिना सबूत के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि केजरीवाल के पास राबर्ट वाड्रा के खिलाफ कोई सबूत है तो वह उसे जांच के लिए संबंधित प्रशासन को सौंपें। जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार इन आरोपों की सीबीआई जांच के लिए तैयार है कि वाड्रा को डीएलएफ से बड़ा फायदा मिला था, सोनी ने कहा कि वह ऐसा आदेश देने के लिए सक्षम नहीं हैं।
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