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राजा ने अपनी ही बेटियों को 13 साल से कर रखा है कैद

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वे राज कन्याएं जरूर हैं लेकिन उन्हें उनके पिता ने ही 13 साल से महल में कैद कर रखा है। जिस महल में कभी उनके जन्म पर जश्न मना था, आज वही राज महल उनका कैदखाना बन गया है। सउदी अरब के राजा अब्दुल्लाह ने अपनी बेटी, सहर, जवाहर, हाला और महा को दुनिया से दूर राज महल में ही बंधरॉ बना कर रखा है।
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उन्हें सिर्फ खाना ख्ारीदने के लिए बाहर जाने की अनुमति है। उनका सौतेला भाई, जिसे राजा ने उन पर निगरानी रखने के लिए रखा है, वो हमेशा उनके साथ होता है। इस घटना को दुनिया के सामने लाया है राजा की ही बेटी सहर और जवाहर ने। उन्होंने अंग्रेजी अखबार संडे टाइम्स को ई-मेल लिखकर बताया है कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ राजा ने जेद्दाह राज्य के राज विला में बंदी बनाकर रखा है।

उनके अलावा उनकी बहन हाला और महा को उनसे दूर एक अलग विला में कैद कर रखा गया है। अखबार के अनुसार, राज-कन्याओं की मां व राजा की पूर्व पत्नी अलानाउद अलफयेज ने संयुक्त राष्ट्र के मानव अधिकार आयुक्त को भी चिटठी लिखकर उनकी मदद करने की गुहार लगाई है।
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महिलाएं हैं दोयम दर्जे की नागरिक

दुनिया में सउदी अरब ही एक ऐसा देश है, जहां महिलाओं को ड्राइविंग करने की इजाजत नहीं। इकॉनॉमिक फोरम की सन 2009 में लिंग समता पर आई रिपोर्ट के अनुसार, सउदी अरब महिलाओं के प्रति भेदभाव करने में 134 देशों की सूची में 130वें नंबर पर है।

हालांकि राज कन्याओं को इस तरह ‌कैद करना सउदी कानून के खिलाफ है। जवाहर और सहर ने संडे टाइम्स को लिखे अपने ई-मेल और फोन पर हुई बातचीत में बताया कि वे एक दूसरे को दिन-ब-दिन मरते हुए देख रही हैं।

उनकी मां अलफयेज ने भी संयुक्त राष्‍ट्र के मानवीय अधिकार आयुक्त को इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें दुनिया से दूर, उनकी मर्जी के खिलाफ कैद कर रखा गया है।

पुरुष अभिभवाक की अनुमति होती है जरूरी

यहां सन 2010 में एक महिला और उसकी बच्‍ची एक सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गईं। उनकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी था कि उनका ऑपरेशन किया जाए, लेकिन उनका ऑपरेशन करने से मना कर दिया गया क्योंकि उनके पास किसी पुरुष अभिभावक की अनुमति नहीं थी।

महिलाओं को शादी, तलाक, नौकरी, यात्रा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जरूरी है कि उनके पास उनके पुरुष अभिभावक की आज्ञा हो। उनकी आज्ञा के बिना वे कहीं नहीं जा सकती हैं।

इस अलिख‌त कानून के अनुसार, उन्हें हर काम के ‌लिए पुरुष्‍ा अभिभवाक की अनुमति लेनी जरूरी है
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जिसने की बदलाव की शुरुआत, वही घेरे में

सन 2005 में अब्दुल्लाह सउदी के राजा बने। वे पहले राजा हैं, जिन्होंने महिलाओं को अधिकार देने की पहल की। उन्होंने महिलाओं को मतदान करने की और चुनाव लड़ने का अधिकार दिया।

दुनिया के शीर्ष अमीर व्यक्तियों में शामिल राजा अब्दुल्लाह पर उनकी ही बेटियों द्वारा लगाए गए आरोप उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

संडे टाइम्स अखबार के अनुसार उन्होंने इन आरोपों के बारे में सउदी दूतावास को खबर कर दी है ल‌ेकिन उनकी तरफ से इस बारे में अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।

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